दिल्ली: गैंगस्टरों को विदेश भगाने वाला फर्जी पासपोर्ट एजेंट गिरफ्तार, रैकेट का खुलासा

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने फर्जी पासपोर्ट और दस्तावेजों का बड़ा रैकेट चलाने वाले एक एजेंट को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी की पहचान हरदेश उर्फ सोनू उर्फ आरपी के रूप में हुई है, जो लंबे समय से फरार चल रहा था और अदालत द्वारा घोषित अपराधी था. पुलिस के मुताबिक आरोपी संगठित अपराधियों और गैंगस्टरों को विदेश भागने में मदद करता था.
अदालत ने पहले ही घोषित कर रखा था भगोड़ा
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हरदेश के खिलाफ स्पेशल सेल थाने में गंभीर धाराओं में मामला दर्ज था. इसमें आर्म्स एक्ट, बीएनएसएस और पासपोर्ट एक्ट की कई धाराएं शामिल हैं. 16 जनवरी 2026 को पटियाला हाउस कोर्ट ने उसे आधिकारिक तौर पर घोषित अपराधी करार दिया था. इसके बाद से ही क्राइम ब्रांच उसकी तलाश में लगातार जुटी हुई थी.
क्राइम ब्रांच को गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश में छिपकर रह रहा है. इसके बाद टेक्निकल सर्विलांस और इनपुट के आधार पर पुलिस टीम ने उसकी लोकेशन ट्रेस की. पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए टीम ने गाजियाबाद से उसे गिरफ्तार कर लिया.
नंदू और सलीम पिस्टल गैंग से कनेक्शन
पूछताछ में आरोपी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. उसने बताया कि वह नंदू गैंग और सलीम पिस्टल गैंग जैसे कुख्यात गिरोहों के लिए फर्जी पासपोर्ट, नकली पहचान पत्र और दूसरे जरूरी दस्तावेज तैयार करवाता था. आरोपी ने यह भी कबूला कि वह गैंग के सदस्यों को विदेश भागने में मदद करने के लिए पैसों की व्यवस्था भी करता था.
फर्जी पासपोर्ट नेटवर्क पर कसता शिकंजा
पुलिस के मुताबिक हरदेश पहले से गिरफ्तार अमरदीप लोचन और गैंगस्टर सलीम पिस्टल के लिए भी फर्जी पासपोर्ट बनवाने की व्यवस्था कर चुका था. आरोपी मूल रूप से दिल्ली के आनंद विहार इलाके का रहने वाला है.
क्राइम ब्रांच का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी से अंतरराज्यीय फर्जी पासपोर्ट नेटवर्क और संगठित अपराध से जुड़े कई और बड़े नाम सामने आ सकते हैं. पुलिस अब इस पूरे रैकेट से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुट गई है.



