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उत्तराखंड में बड़ी गड़बड़ी का खुलासा, 1377 सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मिल रही दोहरी पेंशन

उत्तराखंड में  CAG ने एक गंभीर वित्तीय अनियमितता का खुलासा किया है. राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों से रिटायर हुए 1,377 कर्मचारी अपनी नियमित पेंशन के साथ-साथ वृद्धावस्था एवं विधवा पेंशन का भी लाभ उठा रहे हैं. यह जानकारी भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) द्वारा किए गए डेटा विश्लेषण और क्रॉस वेरिफिकेशन में सामने आई है. CAG ने समाज कल्याण विभाग के माध्यम से प्रदान की जाने वाली सामाजिक सुरक्षा पेंशन और सरकारी कर्मचारियों की पेंशन के डेटा का गहन सत्यापन किया.

इस प्रक्रिया में आधार नंबर के आधार पर दोनों पेंशन योजनाओं के डेटा का मिलान किया गया. जांच में पाया गया कि 1,377 पूर्व सरकारी कर्मचारी नियमों का उल्लंघन करते हुए दोहरी पेंशन प्राप्त कर रहे हैं. CAG ने इन सभी कर्मचारियों की पहचान कर राज्य सरकार को सूचित कर दिया है.

सरकार से मांगी गई कार्रवाई की रिपोर्ट

CAG ने मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन और वित्त विभाग को पत्र लिखकर इस मामले में 15 दिनों के भीतर कार्यवाही की रिपोर्ट मांगी है. नियमों के अनुसार, सेवानिवृत्ति पेंशन प्राप्त कर रहा कोई भी पूर्व कर्मचारी किसी अन्य पेंशन योजना का लाभार्थी नहीं बन सकता. इसके बावजूद प्रदेश में यह गंभीर अनियमितता देखने को मिली है.

विभाग ने अपनाया सख्त रुख

समाज कल्याण निदेशालय के अधिकारी संदीप तिवारी ने जानकारी देते हु बताया कि विभाग द्वारा की जा रही जांच के अनुसार 1377 मामलों में 970 मामले एक्टिव पाए गए गए हैं. जिनका फिजिकल वेरिफिकेशन करने पर 314 लोगों को हटा दिया गया है. इनमें 93 मृतक भी पाए गए हैं.

केटेगरी कोड में हुआ चौंकाने वाला खुलासा

इस पूरे प्रकरण में जब पेंशन केटेगरी कोड को चेक किया गया तो उसमे 565 लोग ऐसे भी मिले जो स्वतंत्रता सेनानी की पेंशन ले रहे हैं. फिलहाल इस पूरे मामले की एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के लिए संबंधित जिलाधिकारी और अपर जिलाधिकारीयों से इन तमाम पेंशनर्स की फिज़िकल रूप से जांच करवाए जाने के लिए भी कहा गया है. जिसके बाद इस रिपोर्ट को तैयार कर शासन को प्रेषित किया जाएगा और उसके अनुसार ही आगे की कार्रवाई होगी.

AZMI DESK

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