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दावोस में तेलंगाना की धमाकेदार पारी: ‘भारत फ्यूचर सिटी’ के विकास पर UAE से समझौता, इजराइल और गूगल से मिलेगी AI में मदद

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स्विजरलैंड में दावोस में विश्व आर्थिक मंच (WEF), 2026 के दौरान तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की अगुवाई वाले ‘तेलंगाना राइजिंग’ प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार (20 जनवरी, 2026) को कई बड़ी रणनीतिक उपलब्धियां हासिल की हैं. प्रतिनिधिमंडल ने इजराइल के साथ एआई और स्टार्टअप इनोवेशन में साझेदारी के साथ-साथ UAE के साथ महत्वाकांक्षी भारत फ्यूचर सिटी प्रोजेक्ट को विकसित करने पर सहमति जताई है. इन प्रयासों का मुख्य उद्देश्य 2047 तक राज्य को 3 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था में बदलना है.

UAE के मंत्री के साथ भारत फ्यूचर सिटी के विकास पर की चर्चा

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने यूएई के अर्थ और पर्यटन मंत्री अब्दुल्ला बिन तौक अल मर्री के साथ बैठक कर भारत फ्यूचर सिटी के विकास पर गहन चर्चा की. भारत की पहली नेट-जीरो ग्रीनफील्ड स्मार्ट सिटी यह 30,000 एकड़ में फैली होगी, जिसमें एआई, शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए विशेष क्षेत्र होंगे. दोनों देशों के बीच इस प्रोजेक्ट को तेजी से लागू करने के लिए एक संयुक्त कार्य बल का गठन करने पर सहमति बनी.

इसके अलावा, इजराइल इनोवेशन अथॉरिटी के अध्यक्ष एलोन स्टोपेल के साथ हुई बैठक में कृषि, जलवायु परिवर्तन और स्टार्टअप इनोवेशन पर ध्यान केंद्रित किया गया. इजराइल तेलंगाना के स्टार्टअप्स को AI, डीपटेक, हेल्थटेक और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग देगा.

गूगल, फिलिप्स, YISU और यूनिलीवर ने तेलंगाना का साथ देने की जताई इच्छा

तकनीकी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी गूगल ने कृषि और जलवायु परिवर्तन के मुद्दों को हल करने में राज्य का साथ देने की इच्छा जताई है, जबकि फिलिप्स ने स्वास्थ्य सेवाओं में AI के इस्तेमाल और हैदराबाद में नॉलेज हब स्थापित करने में रुचि दिखाई है. रोजगार और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए, सऊदी आधारित कंपनी एक्सपर्टाइज यंग इंडिया स्किल्स यूनिवर्सिटी (YISU) के साथ मिलकर हर साल 5,000 कुशल कार्यबल को प्रशिक्षित करेगी. यूनिलीवर जैसी बड़ी कंपनियों ने भी हैदराबाद में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) स्थापित करने की संभावनाओं पर चर्चा की.

मंत्रियों ने राज्य की नीतियों और निवेश अनुकूल वातावरण को किया रेखांकित

आईटी और उद्योग मंत्री डी. श्रीधर बाबू और राजस्व मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने बैठकों के दौरान राज्य की नीतियों और निवेश अनुकूल वातावरण को रेखांकित किया. इन समझौतों से तेलंगाना की वैश्विक छवि को मजबूती मिलेगी और राज्य एक प्रमुख विनिर्माण व तकनीकी केंद्र के रूप में उभरेगा. यह यात्री स्पष्ट संकेत देती है कि तेलंगाना दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के साथ मिलकर अपनी 2047 की दृष्टि को साकार करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है.

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AZMI DESK

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