पांवटा साहिब: ग्रेट खली ने तहसीलदार पर लगाए करोड़ों के भ्रष्टाचार के आरोप, CM से की जांच की मांग

विश्व प्रसिद्ध WWE रेसलर दिलीप सिंह राणा उर्फ ‘द ग्रेट खली’ ने सिरमौर जिले के पांवटा साहिब राजस्व विभाग में तैनात तहसीलदार पर करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार और जमीनी दस्तावेजों में हेराफेरी के सनसनीखेज आरोप लगाए हैं. शिमला में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान खली ने कहा कि अधिकारी खुद को संविधान से ऊपर समझ रहे हैं और गरीब लोगों की जमीनों को रसूखदारों के नाम कर उन्हें भूमिहीन बनाया जा रहा है.
खली के अनुसार, उनके पिता ने वर्ष 2013 में पांवटा साहिब के सूरजपुर गांव में एक महिला से 16 बीघा जमीन खरीदी थी. खली का दावा है कि उनके पास इस जमीन के सभी वैध दस्तावेज मौजूद हैं. विवाद तब शुरू हुआ जब हाल ही में खली ने इस जमीन पर चारदीवारी लगवाई. दूसरे पक्ष, वीरेंद्र सिंह ने इस पर अपना हक जताया, जिसके बाद तहसीलदार ने खली के दस्तावेजों को दरकिनार करते हुए जमीन किसी और की बता दी. खली का आरोप है कि तहसीलदार ऋषभ शर्मा ने दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ कर यह जमीन प्रॉपर्टी डीलरों को फायदा पहुँचाने के लिए हड़पने की कोशिश की है.
तहसीलदार और SDM पर मिलीभगत के आरोप
प्रेस वार्ता में खली ने तहसीलदार के साथ-साथ स्थानीय SDM पर भी मिलीभगत के आरोप जड़े. उन्होंने दावा किया कि केवल वे ही नहीं, बल्कि इलाके के लगभग 100 से अधिक लोग इस ‘राजस्व सिंडिकेट’ से पीड़ित हैं. अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए खली ने कहा, “तहसीलदार लोगों को बिना सूचना दिए ‘एक्स-पार्टी’ (एकपक्षीय) फैसले ले रहे हैं और वर्षों से काबिज लोगों को बेदखल कर रहे हैं.” खली ने तहसीलदार की संपत्ति की जांच की मांग करते हुए कहा कि कुछ ही समय में उन्होंने करोड़ों की अवैध संपत्ति अर्जित की है.
मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग
द ग्रेट खली ने इस पूरे मामले को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से मिलने का समय मांगा है. उन्होंने सरकार से आग्रह किया है कि इस भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो. दूसरी ओर, राजस्व अधिकारियों का कहना है कि वे केवल नियमानुसार कार्य कर रहे हैं और खली का कब्जा जिस जमीन पर है, वह नाले के पास स्थित उनके मूल दस्तावेजों वाली जमीन से अलग है.
फिलहाल, इस हाई-प्रोफाइल मामले ने हिमाचल की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है.



