मऊ में समाज कल्याण विभाग की जांच में बड़ा फर्जीवाड़ा, 42 शिक्षक सहित 86 लोगों पर मुकदमा दर्ज
"मऊ में फर्जी शिक्षक भर्ती का खुलासा – 86 लोगों पर केस, विभाग में हड़कंप!"

मऊ, उत्तर प्रदेश:
समाज कल्याण विभाग की जांच में मऊ जिले में एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। विभाग की कार्रवाई में यह खुलासा हुआ कि जिले के अनुदानित और निजी स्कूलों में तैनात 42 शिक्षक सहित कुल 86 लोगों के दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं।
जिला समाज कल्याण अधिकारी रश्मि मिश्रा ने विभिन्न शिकायतों के आधार पर यह जांच कराई। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि फतेहपुर मंडाव, घोसी और मोहम्मदाबाद गोहना के तत्कालीन अधिकारियों और शिक्षकों की सीधी संलिप्तता इस मामले में है।
गंभीर अनियमितताओं और धोखाधड़ी की पुष्टि के बाद, जिला समाज कल्याण अधिकारी की तहरीर पर मंगलवार को मऊ पुलिस ने शहर कोतवाली में 72 नामजद और 14 अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी (Fraud) का मुकदमा दर्ज किया।
एसपी इलामारन ने बताया कि पुलिस आरोपियों की पहचान और उनके नेटवर्क की गहन जांच कर रही है। इस घोटाले में शामिल नामों में कुलदीप नारायण, गौरव पांडेय, अभिषेक कुमार पांडेय, जितेंद्र सिंह, रजनीश उपाध्याय, रीतू सिंह, शशिकांत सिंह सहित कई शिक्षक और अन्य लोग शामिल हैं।
पुलिस का कहना है कि जिन लोगों के दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस घोटाले ने जिले में समाज कल्याण विभाग की कार्यप्रणाली और शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।



