Good News For Employee: घाटी में खुला पहला ESIC हॉस्पिटल, खेलमंत्री मनसुख मंडाविया ने किया उद्घाटन

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार और युवा मामले एवं खेल मंत्री, डॉ. मनसुख मंडाविया ने आज ओमपोरा, बडगाम में 30 बिस्तरों वाले कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) अस्पताल का उद्घाटन किया. इससे जम्मू-कश्मीर में श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच और सामाजिक सुरक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी.
यह नया उद्घाटन किया गया अस्पताल कश्मीर का पहला ESIC अस्पताल है, जो इस क्षेत्र में श्रमिक कल्याण सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा.
अस्पताल में .योगदान देने वालों का किया सम्मान
इस कार्यक्रम के दौरान, डॉ. मनसुख मंडाविया ने उन श्रमिकों को सम्मानित किया जिन्होंने ओमपोरा में इस अस्पताल के निर्माण में योगदान दिया था. साथ ही, उन्होंने जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के बीमित व्यक्तियों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा लाभ भी प्रदान किए.
165 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस अस्पताल को 100 बिस्तरों तक विस्तार की सुविधा के साथ स्थापित किया गया है. उम्मीद है कि इससे 50,000 से अधिक श्रमिकों और उनके परिवार के सदस्यों को सीधे तौर पर लाभ पहुंचेगा.
ESI योजना को जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश में 16 अक्टूबर 1989 को शुरू किया गया था, जिसके तहत जम्मू, कठुआ और श्रीनगर के लगभग 7,000 श्रमिकों को कवर किया गया था.
वर्तमान में, ESI योजना जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के सभी जिलों में लागू है. इसके माध्यम से लगभग 1,83,119 बीमित व्यक्तियों और लगभग 7,00,000 लाभार्थियों को सेवा प्रदान की जा रही है. इस योजना का प्रशासन जम्मू स्थित ESIC क्षेत्रीय कार्यालय और जम्मू-कश्मीर कर्मचारी राज्य बीमा सोसायटी (JKESIS) के माध्यम से किया जाता है.
जो देश अपने श्रमिको को महत्व देता है, वो आगे बढ़ता है: मंडाविया
सभा को संबोधित करते हुए डॉ. मंडाविया ने कहा, ‘जो देश अपने श्रमिकों की गरिमा को महत्व देता है, वह प्रगति के पथ पर अजेय होता है.’
उन्होंने आगे कहा कि यह श्रमिक शक्ति ही है जिसके अथक प्रयासों से राष्ट्र आगे बढ़ता है; इसलिए, श्रमिकों का कल्याण शासन व्यवस्था के केंद्र में होना चाहिए. “प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार देश के हर कामगार की गरिमा, सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है.”
भारत की प्रतिबद्धता को वैश्विक पहचान मिली है: मंडाविया
डॉ. मंडाविया ने आगे कहा, ‘कामगारों के कल्याण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को वैश्विक पहचान मिली है.’
2025 में, इंटरनेशनल सोशल सिक्योरिटी एसोसिएशन ने हमारे देश को ‘सामाजिक सुरक्षा में उत्कृष्टता’ (Excellence in Social Security) पुरस्कार से सम्मानित किया. इंटरनेशनल लेबर ऑर्गनाइज़ेशन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, हमारी सामाजिक सुरक्षा कवरेज 2015 में 19 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 64.3 प्रतिशत हो गई है.”
पिछले साल लागू किए गए चार श्रम संहिताओं (Labour Codes) के परिवर्तनकारी प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इन सुधारों ने भारत के श्रम तंत्र को आधुनिक बनाया है और इसे अधिक कामगार-केंद्रित, पारदर्शी और भविष्य के लिए तैयार बनाया है.
उन्होंने कहा, ‘नई श्रम संहिताएं कामगारों के लिए कई लंबे समय से प्रतीक्षित सुरक्षा उपायों की गारंटी देती हैं, जिनमें वार्षिक स्वास्थ्य जांच, अनिवार्य नियुक्ति पत्र और न्यूनतम मजदूरी शामिल हैं. ESIC अस्पतालों के माध्यम से वार्षिक स्वास्थ्य जांच का प्रावधान बीमारियों का शीघ्र पता लगाने, कामगारों के लिए निवारक स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने और उनके भविष्य को सुरक्षित करने में मदद करेगा,’
मंत्री ने बताया कि 1952 में अपनी स्थापना के बाद से, ESIC देश में कामगारों के कल्याण के सबसे मजबूत स्तंभों में से एक के रूप में विकसित हुआ है. यह योजना पूरे भारत में 3.84 करोड़ बीमित व्यक्तियों और लगभग 15 करोड़ लाभार्थियों को स्वास्थ्य सेवा और सामाजिक सुरक्षा लाभ प्रदान करती है.
ESIC का आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के साथ एकीकरण होने से, सूचीबद्ध अस्पतालों में लाभार्थियों के लिए कैशलेस इलाज की सुविधा तक पहुंच और भी बढ़ गई है. उद्घाटन समारोह में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, ESIC, स्थानीय प्रशासन और जन प्रतिनिधियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया.
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