देश

Exclusive: ईरान-US सीजफायर पर मंडरा रहा खतरा! मौजूदा हालात पर क्या बोल गए पाक के पूर्व उच्चायुक्त अब्दुल बासित?

US Iran War: ईरान-अमेरिका के बीच घोषित सीजफायर को लेकर पाकिस्तान के पूर्व वरिष्ठ राजनयिक अब्दुल बासित ने एबीपी न्यूज़ से बातचीत में अहम बातें कहीं. उन्होंने साफ कहा कि मौजूदा स्थिति फ्रैजाइल सीजफायर यानी कमजोर और नाजुक युद्धविराम की है. बासित के अनुसार, खुद अमेरिकी विदेश मंत्री भी इस बात को मान चुके हैं कि यह सीजफायर स्थिर नहीं है. उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले में कई देश और पक्ष शामिल हैं, और कुछ ऐसे भी हैं जो नहीं चाहते कि यह सीजफायर सफल हो. फिर भी उन्होंने उम्मीद जताई कि बातचीत के जरिए सहमति बन सकती है.

अब्दुल बासित ने मिडिल ईस्ट के मौजूदा हालात पर अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि सीजफायर के दौरान इस तरह की छोटी-छोटी घटनाएं होती रहती हैं और असली स्थिति का पता बातचीत के बाद ही चलेगा. उन्होंने यह भी इशारा किया कि इस पूरे मामले में पाकिस्तान की भूमिका अहम हो सकती है, खासकर बातचीत और समझौते की प्रक्रिया में. भले ही  सीजफायर की घोषणा हो चुकी है, लेकिन जमीनी हालात को देखते हुए यह कहना अभी मुश्किल है कि शांति कब तक कायम रह पाएगी.

इजरायल लेबनान पर अब्दुल बासित ने क्या कहा?

अब्दुल बासित से जब पूछा गया कि सीजफायर के बावजूद इजरायल लेबनान पर लगातार हमले क्यों कर रहा है और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने बयान में लेबनान को क्यों शामिल किया तो बासित ने माना कि इस मुद्दे पर अभी थोड़ी उलझन जरूर है. हालांकि उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान इस पर स्पष्ट सहमति बनने की उम्मीद है.

शहबाज शरीफ के पोस्ट से जुड़ा सवाल

शहबाज शरीफ की तरफ से अपने सोशल मीडिया पोस्ट को तीन बार एडिट करने के सवाल पर बासित ने इसे सामान्य बात बताया. उन्होंने कहा कि इतने बड़े स्तर की बातचीत में इस तरह की छोटी चीजें होती रहती हैं और इन्हें ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर देखने की जरूरत नहीं है. उनके अनुसार, सबसे जरूरी बात यह है कि सीजफायर कायम रहे और उसी दिशा में पाकिस्तान ने प्रयास किए हैं.

भविष्य को लेकर पूछे गए सवाल पर बासित ने कहा कि इजरायल का लेबनान को लेकर अपना अलग नजरिया है, लेकिन पाकिस्तान को भरोसा है कि बातचीत के जरिए स्थायी सीजफायर हासिल किया जा सकता है. एक तरफ से देखा जाए तो बासित के बयान से यह साफ होता है कि हालात अभी पूरी तरह स्थिर नहीं हैं, लेकिन कूटनीतिक प्रयास जारी हैं और सभी की नजर आने वाली बातचीत पर टिकी है.

ये भी पढ़ें: ईरानी समंदर में मंडरा रहा खतरा, भारत ने इंडियंस के लिए जारी की Emergency Advisory- ‘कहीं भी जाने से पहले, हमसे….’

AZMI DESK

Related Articles

Back to top button
WhatsApp Join Group!