पश्चिम बंगाल में चुनाव कराने भेजे गए ये IAS-IPS अफसर, तमिलनाडु, असम और केरल में भी लगी ड्यूटी

देश के चार महत्वपूर्ण राज्यों पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम और केरल में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए उत्तराखंड के अफसरों को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है. इन चुनावों में राज्य के कुल 14 अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जिनमें 11 आईएएस और तीन आईपीएस अधिकारी शामिल हैं.
शासन से मिली जानकारी के अनुसार, आईएएस अधिकारियों को अलग-अलग राज्यों में पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया है. केरल विधानसभा चुनाव में आईएएस राजेंद्र कुमार, श्रीधर बाबू अद्दांकी और रंजीत सिन्हा को जिम्मेदारी दी गई है. वहीं, तमिलनाडु में आईएएस सौरभ गहरवार और युगल किशोर पंत को पर्यवेक्षक बनाया गया है.
पश्चिम बंगाल में चुनाव ड्यूटी के लिए आईएएस मेहरबान सिंह बिष्ट, वी. षणमुगम, विनीत कुमार और विनीत तोमर को तैनात किया गया है. इसके अलावा असम विधानसभा चुनाव में आईएएस हिमांशु खुराना और वंदना को पर्यवेक्षक की भूमिका दी गई है.
राजेश कुमार और अभिषेक रुहेला-को फिलहाल आरक्षित श्रेणी में रखा
आईपीएस अधिकारियों की बात करें तो प्रहलाद नारायण मीणा और अनंत शंकर ताकवाले को पश्चिम बंगाल में पुलिस पर्यवेक्षक के रूप में भेजा गया है, जबकि सुनील कुमार मीणा को तमिलनाडु में यह जिम्मेदारी सौंपी गई है.
इसके अतिरिक्त दो आईएएस अधिकारियों-डॉ. आर. राजेश कुमार और अभिषेक रुहेला-को फिलहाल आरक्षित श्रेणी में रखा गया है, जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर चुनाव ड्यूटी में लगाया जा सकता है.
चार राज्यों में होने वाले इन चुनावों को देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं. उत्तराखंड के अधिकारियों को मिली यह जिम्मेदारी उनके अनुभव और कार्यकुशलता का प्रमाण मानी जा रही है. चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने में इन अधिकारियों की भूमिका अहम रहने वाली है.


