आजमगढ़

तेहारन :ईरान पर अमेरिका-इज़राइल का भीषण हमला:खामेनेई-ईरानी मंत्रियों के दफ्तर समेत 30 ठिकानों पर एक साथ बरसे रॉकेट

तेहरान

पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर पहुंच गया है।ईरान के साथ बढ़ते टकराव के बीच अमेरिका और इज़राइल ने संयुक्त सैन्य कार्रवाई करते हुए तेहरान समेत देश के कई अहम ठिकानों पर व्यापक हमले शुरू कर दिए हैं।रिपोर्ट्स के मुताबिक एक साथ लगभग 30 स्थानों पर रॉकेट दागे गए।राजधानी तेहरान में तेज धमाकों की आवाजें गूंजीं और आसमान में घना धुआं देखा गया।

सुबह 8 बजे शुरू हुआ हमला

इज़राइल ने स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 8 बजे हमले की शुरुआत की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तेहरान के डाउनटाउन इलाके में कई विस्फोट हुए।ईरानी मंत्रालयों और महत्वपूर्ण सरकारी ठिकानों को निशाना बनाया गया।

खामेनेई के कार्यालय के पास धमाका

हमलों के दौरान ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के कार्यालय के पास भी विस्फोट की खबर है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उस समय खामेनेई वहां मौजूद थे या नहीं। हाल के दिनों में बढ़ते तनाव के चलते वे सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए थे।

ऑपरेशन शील्ड ऑफ जूडा

इज़राइल ने इस सैन्य अभियान को ऑपरेशन शील्ड ऑफ जूडा नाम दिया है।इज़राइली रक्षा मंत्री ने इसे पूर्व-नियोजित कार्रवाई बताते हुए देशभर में विशेष आपातकाल की घोषणा की है। अमेरिकी अधिकारियों ने भी पुष्टि की है कि वॉशिंगटन ने इस कार्रवाई में सहयोग किया है।

इज़राइल में हाई अलर्ट

संभावित जवाबी हमले की आशंका के बीच इज़राइल में सायरन बज रहे हैं।लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं और नागरिकों को घर से काम करने को कहा गया है।हवाई सीमा भी अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है।इज़राइली सेना ने मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी जारी की है।

तेहरान एयरपोर्ट भी निशाने पर

तेहरान के मेहराबाद एयरपोर्ट पर भी धमाकों की खबर है। ईरानी मीडिया ने कई स्थानों पर हमलों की पुष्टि की है। इसके जवाब में ईरान ने भी अपनी हवाई सीमा बंद कर दी है।

भारत की एडवाइजरी

बढ़ते संकट को देखते हुए इज़राइल में भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी जारी कर नागरिकों से अत्यधिक सतर्कता बरतने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।बता दें कि क्षेत्र में जारी यह सैन्य कार्रवाई पश्चिम एशिया को एक बड़े संघर्ष की ओर धकेल सकती है।अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर अब इस बात पर टिकी है कि ईरान इस हमले का किस तरह जवाब देता है और आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में बढ़ते हैं।

AZMI DESK

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