मिसाल: ब्रेन डेड घोषित हुई 8 साल की वेनबा, अंगदान से 4 लोगों को मिला नया जीवन

Tamil Nadu News: तमिलनाडु के कोयम्बटूर नगर निगम के 73वें वार्ड के पार्षद और शहरी नियोजन समिति के अध्यक्ष संतोष की 8 साल की बेटी वेनबा की ब्रेन डेड होने के बाद उसके अंगदान से चार लोगों को नया जीवन मिला है. यह घटना न केवल परिवार के लिए बेहद दुखद रही, बल्कि समाज के लिए मानवता और संवेदना की मिसाल भी बनी है.
सोमवार को अचानक वेनबा को तेज सिरदर्द और उल्टियां होने लगीं. उसकी हालत बिगड़ती देख पिता संतोष उसे तुरंत कोयम्बटूर रेसकोर्स स्थित एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे. वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद बताया कि बच्ची के दिमाग में खून का रिसाव हुआ है और उसकी स्थिति गंभीर है. बेहतर इलाज के लिए उसे दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने की सलाह दी गई. इसके बाद वेनबा को अविनाशी रोड स्थित के.एम.सी.एच अस्पताल में भर्ती कराया गया.
बेटी के अंग दान करने का फैसला किया
के.एम.सी.एच अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने विस्तृत जांच की, जिसमें पता चला कि वेनबा का ब्रेन पूरी तरह काम करना बंद कर चुका है और उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया. यह खबर सुनकर पूरा परिवार गहरे सदमे में चला गया. हालांकि इस कठिन समय में पार्षद संतोष और उनके परिवार ने एक साहसिक और मानवीय निर्णय लेते हुए अपनी बेटी के अंग दान करने का फैसला किया.
अंगदान से चार लोगों को नया जीवन मिला
डॉक्टरों की देखरेख में वेनबा के गुर्दे, यकृत और आंखों सहित कुल चार अंग निकाले गए, जिन्हें जरूरतमंद चार मरीजों में सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित किया गया. इस अंगदान से चार लोगों को नया जीवन मिला है, जिससे परिवार के दुख के बीच भी एक सकारात्मक संदेश सामने आया है.
अस्पताल प्रशासन ने संतोष और उनके परिवार के इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि अंगदान से कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं और यह समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है. वेनबा की छोटी उम्र में हुई यह त्रासदी अब दूसरों के जीवन की उम्मीद बन गई है.



