उत्तराखंड: CAA के तहत 153 शरणार्थियों को मिलेगी नागरिकता, पाकिस्तान से आए 147 लोग शामिल

नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत उत्तराखंड में रह रहे 153 शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता प्रदान किए जाने का रास्ता साफ हो गया है. गृह विभाग की जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद भारत सरकार ने इन आवेदनों को स्वीकृति दे दी है. जानकारी के अनुसार इनमें पाकिस्तान से आए 147 और अफगानिस्तान से आए 6 लोग शामिल हैं. 51 आवेदन अभी भी विचाराधीन बताए जा रहे हैं.
यह प्रावधान 31 दिसंबर 2014 से पहले पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों पर लागू होता है. राज्य में पात्र लाभार्थियों ने ऑनलाइन माध्यम से आवेदन किया था, जिनकी जांच केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत की गई.
7 मार्च को हरिद्वार में विशेष कार्यक्रम
सूत्रों के मुताबिक आगामी 7 मार्च को हरिद्वार में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पात्र लाभार्थियों को नागरिकता प्रमाण पत्र सौंप सकते हैं. इस कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं. सुरक्षा व्यवस्था और आयोजन स्थल की व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की जा रही है.
जन संवाद और विकास कार्यों की समीक्षा
बताया जा रहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री अपने दौरे के दौरान जन संवाद कार्यक्रम में भी भाग लेंगे और प्रदेश सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे. राजनीतिक दृष्टि से भी इस कार्यक्रम को अहम माना जा रहा है, क्योंकि अगले वर्ष प्रदेश में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं. ऐसे में इसे भारतीय जनता पार्टी की चुनावी तैयारियों की शुरुआत के रूप में भी देखा जा रहा है.
CM धामी की तैयारी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि नव नागरिकों के सम्मान के लिए विशेष तैयारी की जा रही है. संबंधित सभी लाभार्थियों से संपर्क कर उन्हें कार्यक्रम में आमंत्रित किया जा रहा है, ताकि उन्हें औपचारिक रूप से नागरिकता प्रमाण पत्र प्रदान किया जा सके. धामी सरकार के चार वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम को प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. राज्य सरकार का कहना है कि पात्र लोगों को विधिक प्रक्रिया के तहत नागरिकता प्रदान की गई है और आगे भी लंबित आवेदनों पर नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा.



