राजस्थान: SIR के बाद फाइनल वोटर लिस्ट को लेकर सियासत, कांग्रेस-BJP ने एक दूसरे पर लगाए ये आरोप

राजस्थान में एसआईआर के बाद फाइनल वोटर लिस्ट जारी होने के मामले को लेकर राजनीति तेज हो गई है. फाइनल वोटर लिस्ट को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष एक बार फिर आमने-सामने है. कांग्रेस और बीजेपी ने एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं. कांग्रेस का कहना है कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के बहाने गलत तरीके से लोगों के नाम काटे गए. जिन 12 लाख नए वोटरों के नाम जोड़े गए हैं, उसमें भी गड़बड़ी हुई है. इन 12 लाख वोटों की जांच होनी चाहिए.
जरूरत पड़ने पर अदालत का दरवाजा भी खटखटाएंगे- रफीक खान
विधानसभा में कांग्रेस पार्टी के मुख्य सचेतक रफीक खान का कहना है कि वोटर लिस्ट में इन नए नामों को चुनौती दी जाएगी. जरूरत पड़ने पर अदालत का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा .
बीजेपी अपने मकसद में पूरी तरह कामयाब नहीं हो पाई- डोटासरा
राजस्थान कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा, ”नई वोटर लिस्ट अब बीजेपी को ही रास नहीं आ रही है. कांग्रेस की सक्रियता के चलते बीजेपी अपने मकसद में पूरी तरह कामयाब नहीं हो पाई है.”
बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य का कांग्रेस पर पलटवार
वहीं दूसरी तरफ बीजेपी का कहना है कि ज्यादातर नाम बांग्लादेशी लोगों के कटे हैं. बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य ने कहा, ”अगर गलत लोगों के नाम कटे हैं तो उसमें कांग्रेस को ऐतराज नहीं होना चाहिए. कांग्रेस गलत तरीके से वोटरों का नाम जोड़े हुए थी, ऐसे लोग देश का नुकसान कर रहे थे.
चुनाव आयोग ने निष्पक्ष तरीके से काम किया- बालमुकुंद आचार्य
उन्होंने आगे कहा, ”इस बारे में चुनाव आयोग ने निष्पक्ष तरीके से काम किया है. अगर किसी सही व्यक्ति का नाम किसी वजह से कट गया है तो वह आगे उन्हें फिर से जुड़वा सकता है. इसे लेकर हंगामा करने की कोई जरूरत नहीं है.”



