सिरोही: बिना अनुमति पंचायत ने तोड़ दी 60 लाख की सड़क, PWD की शिकायत के बावजूद नहीं दर्ज हुई FIR

राजस्थान के सिरोही जिले में रोहिड़ा थाना क्षेत्र की वाटेरा ग्राम पंचायत में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. ग्राम पंचायत ने बिना लोक निर्माण विभाग (PWD) की अनुमति के 60 लाख रुपये की लागत से बनी ‘गौरव पथ’ सड़क को सीवरेज लाइन डालने के लिए तोड़ दिया.
हैरानी की बात यह है कि PWD अधिकारियों द्वारा लिखित शिकायत देने के दो दिन बाद भी पुलिस ने इस मामले में एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं की है.
बिना अनुमति तोड़ी 60 लाख की सड़क
जानकारी के मुताबिक, वाटेरा ग्राम पंचायत में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के तहत करीब 60 लाख रुपये खर्च कर मुख्यमंत्री गौरव पथ का निर्माण किया गया था. आरोप है कि ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों ने PWD से कोई ‘सक्षम स्वीकृति’ (NOC) लिए बिना ही इस नवनिर्मित सड़क को बीच से तोड़ दिया और सीवरेज पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू कर दिया.
PWD ने दी लिखित शिकायत, पुलिस का टालमटोल
सड़क तोड़े जाने की सूचना मिलते ही पिण्डवाड़ा PWD के सहायक अभियंता (AEN) कमलेश बिश्नोई मौके पर पहुंचे. उन्होंने हालात का जायजा लिया और गैरकानूनी कृत्य के सबूत के तौर पर फोटो और वीडियोग्राफी करवाई. उच्च अधिकारियों के निर्देश पर 18 फरवरी को PWD की तरफ से रोहिड़ा थाने में लिखित रिपोर्ट सौंप दी गई.
हालांकि, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे गंभीर मामले में दो दिन बीत जाने के बाद भी रोहिड़ा पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की है. थानाधिकारी अमराराम खोखर का तर्क है कि “मामले की जांच की जा रही है.” लेकिन कानूनी जानकारों का सवाल है कि बिना एफआईआर दर्ज किए पुलिस किस आधार पर जांच कर रही है?
राजनीतिक दबाव या कुछ और? उठ रहे सवाल
- एक सरकारी विभाग की शिकायत पर दूसरे सरकारी विभाग (पुलिस) द्वारा कार्रवाई न करने से क्षेत्र में कई सवाल उठने लगे हैं:
- क्या पुलिस पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों या ग्राम पंचायत का कोई राजनीतिक दबाव है?
- जब एक सरकारी अधिकारी की शिकायत पर FIR दर्ज नहीं हो रही, तो आम जनता की सुनवाई कैसे होगी?
- क्या जिला पुलिस अधीक्षक (SP) इस मामले में संज्ञान लेकर सख्त निर्देश देंगे?
आईजी और डीजीपी तक मामला ले जाने की तैयारी
PWD के उच्च अधिकारियों ने पुलिस के इस सुस्त रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है. उनका स्पष्ट कहना है कि बिना अनुमति सरकारी सड़क तोड़ना दंडनीय अपराध है. सूत्रों के मुताबिक, यदि स्थानीय पुलिस स्तर पर जल्द कानूनी कार्रवाई (FIR) नहीं होती है, तो PWD इस मामले की शिकायत जोधपुर रेंज आईजी (IG) और जयपुर स्थित पुलिस महानिदेशक (DGP) स्तर तक करने की तैयारी कर रहा है.



