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बस्ती में शातिर ठग को गिरफ्तार, पुलिस की वर्दी पहनकर सरकारी नौकरी का देता था झांसा

उत्तर प्रदेश के जनपद बस्ती में ठगी के एक ऐसे सनसनीखेज खेल का पर्दाफाश हुआ है. जिसने पुलिस महकमे से लेकर आम जनता तक को हैरान कर दिया है. थाना लालगंज पुलिस ने एक ऐसे शातिर ठग को दबोचा है, जो पुलिस की वर्दी का रौब दिखाकर बेरोजगार युवाओं के सपनों का सौदा कर रहा था. उसके जाल में कई बेरोजगार फंसकर शिकार बन चुके हैं. मगर बस्ती जनपद में आते ही वह अपने ही जाल में फंस गया और उसके कारनामों का खुलासा हो गया है. यूपी पुलिस की वर्दी पहनकर प्रदेश भर में नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले शख्स को बस्ती पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. 

आरोपी और पीड़ित के बीच हुआ विवाद

आरोपी अजय ने बस्ती पहुंचकर नौकरी के नाम पर पैसे देने वाले लोगों से बातचीत शुरू की. इस बीच दोनों पक्षों में विवाद होने लगा. इसके बाद पीड़ित पक्ष ने वर्दीधारी शख्स का वीडियो बना लिया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद जब आरोपी की जांच शुरू हुई तो पता चला वह गाजीपुर जनपद में यूपी पुलिस की नौकरी करता था और उसे बर्खास्त कर दिया गया है. इतना ही नहीं अब तक अलग-अलग मामलों में आरोपी के खिलाफ 6 मुकदमे दर्ज हैं.

वर्दी पहनकर युवाओं को बनाता था शिकार

गिरफ्तार अभियुक्त अजय कुमार जायसवाल ने ठगी का एक ऐसा मायाजाल बुना था. जिसे देखकर कोई भी धोखा खा जाए. वह खुद पुलिस की वर्दी पहनता था ताकि युवाओं को उस पर अटूट विश्वास हो जाए. आरोपी खुद को NSSO (National Sample Survey Office) विभाग का बड़ा अधिकारी बताकर युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देता था. बस्ती के दो पीड़ित व्यक्ति सामने आए हैं जो अभी इस वर्दी वाले जालसाज का शिकार हुए हैं.

जांच में हुआ यह खुलासा

जांच में खुलासा हुआ है कि अजय जायसवाल न केवल युवाओं को झांसा देता था, बल्कि उन्हें विभाग के हूबहू दिखने वाले फर्जी नियुक्ति पत्र भी थमा देता था. इस भरोसे के बदले वह हर युवा से हजारों रुपये की अवैध वसूली कर रहा था. 

लालगंज सर्किल के डीएसपी कुलदीप सिंह यादव के नेतृत्व वाली टीम ने इस जालसाज को उस समय धर दबोचा जब वह किसी नए शिकार की तलाश में था. मगर जब तक वह अपने मकसद में कामयाब होता आरोपी पुलिस के गिरफ्त में आ गया और अब जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गया है.

डीएसपी ने दी यह जानकारी

डीएसपी कुलदीप सिंह ने इस घटना की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस अधीक्षक के कड़े रुख के बाद अभियुक्त पर भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि इस ‘ठगी के सिंडिकेट’ में अजय के साथ और कौन-कौन से सफेदपोश या साथी शामिल हैं.

AZMI DESK

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