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उद्धव ठाकरे ने राज ठाकरे को दिया तगड़ा झटका, शिंदे से हुई मुलाकात के बाद ही लिया बड़ा फैसला

महाराष्ट्र में डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे की मुलाकात को लेकर जारी चर्चा के बीच उद्धव ठाकरे ने बड़ा फैसला लिया है. शिवसेना (UBT) ने मनोनीत नगरसेवकों के नामों पर मुहर लगा दी है. साईनाथ दुर्गे, माधुरी मांजरेकर और कैलाश पाठक इन तीन नामों को मंजूरी दे दी गई है. सूत्रों के मुताबिक, राज ठाकरे और शिंदे की मुलाकात के बाद उद्धव ठाकरे ने यह फैसला तत्काल लिया है.

MNS की ओर से यशवंत किल्लेदार ने उद्धव सेना के तीन मनोनीत नगरसेवकों के कोटे में से एक नगरसेवक MNS को देने की उम्मीद जताई थी. राज ठाकरे ने उद्धव ठाकरे से एक मनोनीत पार्षद की मांग की थी. राजनीतिक गलियारों ऐसी चर्चा है कि तीनों स्वीकृत नगरसेवकों के नाम तय कर उद्धव ठाकरे ने MNS की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. 28 फरवरी को स्वीकृत नगरसेवकों के नामों की आधिकारिक घोषणा की जाएगी.

BMC चुनाव के बाद शिंदे और राज ठाकरे की पहली मुलाकात

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे ने बुधवार (18 फरवरी) को मुंबई में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के आधिकारिक निवास ‘नंदनवन’ में उनसे मुलाकात की थी. बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच कई मसलों को लेकर चर्चा हुई है. बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनावों में राजनीतिक मतभेदों के बाद डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और राज ठाकरे के बीच यह पहली मुलाकात थी.

बीएमसी में किसे कितनी सीटें मिलीं?

बीएमसी चुनाव में BJP के साथ अलायंस में चुनाव लड़ने वाले एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना को 29 सीटों पर जीत मिली थी, जबकि राज ठाकरे के नेतृत्व वाली MNS ने शिवसेना (यूबीटी) के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ते हुए 6 सीटों पर जीत दर्ज की. बीएमसी चुनाव के दौरान उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे कई मंचों पर साथ दिखे थे. उद्धव गुट की शिवसेना को 65 सीटों पर जीत मिली. राज ठाकरे और उद्धव का गठबंधन 227 सदस्यीय महानगरपालिका में बहुमत के आंकड़े से काफी पीछे रह गई. जबकि बीजेपी 89 और सहयोगी शिवसेना 29 सीट जीतकर बहुमत के 114 के आंकड़े को आसानी से पार कर लिया.

शिवसेना (UBT) शिंदे गुट को अपना कट्टर विरोधी मानती है. राज और उद्धव ठाकरे के बीच गठबंधन की बातचीत शुरू होने से पहले, उद्धव की पार्टी ने खुले तौर पर ये कहा था कि MNS प्रमुख को शिंदे या बीजेपी से किसी भी तरह का संपर्क नहीं रखना चाहिए.

गौरतलब है कि बीजेपी की पार्षद रितु तावड़े बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की मेयर चुनी गई हैं. करीब 44 सालों के लंबे अंतराल के बाद बीजेपी से पार्षद ने मुंबई के मेयर पद की कुर्सी पर कब्जा जमाया है. वहीं अविभाजित शिवसेना का लगभग तीन दशक पुराना वर्चस्व इस बार खत्म हो गया.

AZMI DESK

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