उत्तराखंड पुलिस अलर्ट मोड में, कोर्ट परिसरों को बम से उड़ाने की धमकी वाले ई-मेल के बाद सुरक्षा कड़ी

उत्तराखंड पुलिस ने न्यायालय परिसरों को बम से उड़ाने की धमकी भरे ई-मेल के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ के अंतर्गत साइबर विशेषज्ञों की विशेष टीम गठित की गई है, जो ई-मेल के स्रोत और पैटर्न की गहन जांच करेगी.
बुधवार को पुलिस मुख्यालय में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें इंटेलीजेंस अधिकारियों के साथ पूरे घटनाक्रम पर विस्तार से चर्चा हुई. जानकारी के अनुसार, इस तरह के धमकी भरे ई-मेल देश के कई राज्यों में एक ही पैटर्न पर भेजे गए हैं. ऐसे में उत्तराखंड पुलिस अन्य राज्यों की जांच एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर सूचनाओं का आदान-प्रदान कर रही है.
सुरक्षाबलों की अतिरिक्त तैनाती की गयी
दीपम सेठ ने बताया कि सभी प्रकरणों को बेहद गंभीरता से लिया गया है और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी. उन्होंने निर्देश दिए हैं कि सभी जिला न्यायालयों, प्रमुख धर्मस्थलों और संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा की समीक्षा कर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाए. संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई के आदेश भी जारी किए गए हैं.
देहरादून जिला न्यायालय परिसर को भी धमकी मिलने के बाद तत्काल सुरक्षा बढ़ाई गई और विशेष बैठक कर स्थिति का आकलन किया गया. इंटेलीजेंस विभाग अन्य राज्यों के संपर्क में है और ई-मेल के तकनीकी पहलुओं की जांच साइबर पुलिस कर रही है.
उत्तरकाशी-रुद्रप्रयाग में FIR दर्ज
इस बीच उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग में दो प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं. इन मामलों की जांच तेज करने के निर्देश दिए गए हैं. पुलिस का कहना है कि ई-मेल एक जैसे प्रारूप में भेजे गए हैं, जिससे यह आशंका है कि इसके पीछे संगठित प्रयास हो सकता है.
फिलहाल सभी न्यायालय परिसरों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है. पुलिस प्रशासन ने आमजन से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध सूचना की तुरंत जानकारी देने की अपील की है.



