हिमाचल: RDG पर हंगामे के बीच प्रस्ताव पास, सदन 18 मार्च तक स्थगित, विपक्ष का वॉकआउट

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के पहले चरण का आखिरी दिन भारी हंगामे की भेंट चढ़ गया. राजस्व घाटा अनुदान (RDG) पर पिछले तीन दिनों से चल रही चर्चा का समापन बुधवार (18 फरवरी) को सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक और नारेबाजी के साथ हुआ. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने वेल (Well) में आकर जोरदार नारेबाजी की, जिसके चलते सदन की कार्यवाही को पहले 10 मिनट और फिर 18 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया गया. हंगामे के बीच ही सरकार ने RDG को लेकर प्रस्ताव पारित कर दिया.
विपक्ष ने सीएम पर लगाए झूठ बोलने के आरोप
सदन में जब मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने चर्चा का जवाब देना शुरू किया, तो विपक्ष ने उन्हें बीच में ही टोक दिया. बीजेपी विधायकों ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सदन में झूठे और विरोधाभासी आंकड़े पेश कर रहे हैं. विपक्ष ने वेल में आकर नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे सदन में गतिरोध पैदा हो गया. कार्यवाही स्थगित होने के बाद, विधानसभा परिसर में भी सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्य एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए.
CM सुक्खू का पलटवार: बीजेपी का दोहरा चरित्र उजागर
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विपक्ष के रवैये को प्रदेश हित के खिलाफ बताया. उन्होंने कहा, “पूर्व बीजेपी सरकार को RDG और जीएसटी प्रतिपूर्ति के रूप में 70 हजार करोड़ मिले, जबकि हमें सिर्फ 17 हजार करोड़ मिले. इसके बावजूद हमने OPS दिया और जनकल्याणकारी योजनाएं चलाईं.” सीएम ने दावा किया कि पूर्व सरकार ने 5 साल में अपने संसाधनों से 55,564 करोड़ कमाए, जबकि वर्तमान सरकार ने 3 साल में ही 50,030 करोड़ रुपये राजस्व जुटाया है. सीएम ने बताया कि वे मंत्रिमंडल के साथ कल दिल्ली जाएंगे. वहां वे RDG के मुद्दे पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, 16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया और राहुल गांधी से मिलेंगे. पीएम से भी समय मांगा गया है.
‘राजनीतिक मकसद के लिए लाया गया प्रस्ताव’
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सरकार पर पलटवार करते हुए कहा कि बीजेपी RDG के विरोध में नहीं है, लेकिन सरकार इसे राजनीतिक हथियार बना रही है.
जयराम ने कहा, “सीएम द्वारा पेश किए गए आंकड़े वित्त विभाग की प्रेजेंटेशन से मेल नहीं खाते. पीएम मोदी के कार्यकाल में हिमाचल को 60 हजार करोड़ ज्यादा RDG मिली है.” बजट सत्र का तमाशा: एक महीने के ब्रेक पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ने बजट सत्र का तमाशा बना दिया है. राज्यसभा चुनाव पर उन्होंने कहा कि पार्टी नेताओं से चर्चा के बाद ही उम्मीदवार उतारने पर फैसला होगा.



