राज्य

छत्तीसगढ़ के बिरनपुर हिंसा और पिता-पुत्र हत्या केस में 17 आरोपी बरी, इस आधार पर कोर्ट ने सुनाया फैसला

छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में साल 2023 के बिरनपुर सांप्रदायिक झड़प और पिता-पुत्र हत्या मामले में अदालत ने 17 आरोपियों को बरी कर दिया है. 17 फरवरी को अपर सत्र न्यायाधीश साक्षी दीक्षित की अदालत ने 64 गवाहों की जांच के बाद यह फैसला सुनाया. अदालत ने सबूतों के आधार पर संदेह का लाभ देते हुए सभी आरोपियों को दोषमुक्त किया.

बचाव पक्ष के अधिवक्ता मनोज नामदेव के अनुसार अदालत ने रिकॉर्ड में पेश सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयान की विस्तार से जांच की. सुनवाई के दौरान अभियोजन और बचाव पक्ष ने अपने-अपने तर्क रखे गए. वहीं अदालत ने पाया कि पेश किए गए सबूत आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं और इसी आधार पर न्यायालय ने सभी 17 आरोपियों को संदेह का लाभ (Benefit of Doubt) देते हुए बरी करने का आदेश पारित किया.

क्या है पूरा मामला?

8 अप्रैल 2023 को बिरनपुर गांव में अलग-अलग समुदायों के स्कूली बच्चों के बीच कथित विवाद के बाद हिंसा भड़क गई थी. इस झड़प के दौरान 22 वर्षीय भुनेश्वर साहू की हत्या कर दी गई थी. पुलिस के अनुसार, 11 अप्रैल 2023 को उसी गांव के रहीम मोहम्मद (55) और उनके बेटे ईदुल मोहम्मद (35) के शव बरामद किए गए. दोनों की पत्थर और डंडों से हत्या की पुष्टि हुई थी.

जांच और राजनीतिक संदर्भ

घटना की जांच के दौरान पुलिस ने 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया था. बाद में भुनेश्वर साहू की हत्या का मामला अप्रैल 2024 में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंप दिया गया, जिसकी सुनवाई रायपुर की सीबीआई अदालत में जारी है.

न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, झड़प के दौरान कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे. राज्य विधानसभा चुनाव के समय भाजपा ने तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर तुष्टिकरण का आरोप लगाया और साजा सीट से भुनेश्वर साहू के पिता ईश्वर साहू को उम्मीदवार बनाया. चुनाव में ईश्वर साहू ने तत्कालीन मंत्री और कांग्रेस नेता रविंद्र चौबे को पराजित किया.

AZMI DESK

Related Articles

Back to top button
WhatsApp Join Group!