हरियाणा: HPSC घेराव करने निकले कांग्रेसियों पर चली वाटर कैनन, दीपेंद्र हुड्डा बोले- ‘बंद हो बाहरी भर्ती’

हरियाणा में सरकारी भर्तियों में अनियमितताओं और स्थानीय युवाओं की अनदेखी के आरोपों को लेकर मंगलवार (17 फरवरी) को हरियाणा यूथ कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया. हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन (HPSC) के दफ्तर का घेराव करने निकले कांग्रेस कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पंचकूला पुलिस को वाटर कैनन (पानी की बौछार) का इस्तेमाल करना पड़ा.
इस प्रदर्शन का नेतृत्व रोहतक से सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा, अंबाला सांसद वरुण मुलाना और इंडियन नेशनल यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने किया.
पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर रोका रास्ता
यूथ कांग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ता HPSC दफ्तर का घेराव करने के लिए आगे बढ़ रहे थे. हालांकि, पुलिस ने पहले से ही बैरिकेडिंग कर रखी थी. जब कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स पार करने की कोशिश की, तो पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए उन पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया.
‘हरियाणा के युवाओं को नजरअंदाज कर रही सरकार’
सांसद दीपेंद्र हुड्डा और अन्य नेताओं ने आरोप लगाया कि HPSC द्वारा की जा रही अलग-अलग पदों की भर्तियों में हरियाणा के युवाओं को कथित तौर पर नजरअंदाज किया जा रहा है और दूसरे राज्यों के अभ्यर्थियों को तरजीह दी जा रही है. उन्होंने कहा कि प्रदेश का युवा बेरोजगारी से जूझ रहा है, जबकि नौकरियां बाहर के लोगों को दी जा रही हैं.
यूथ कांग्रेस की प्रमुख मांगें
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने HPSC और सरकार के सामने कई अहम मांगें रखीं:
- 35% अंकों की शर्त हटाई जाए: नेताओं ने कहा कि HPSC ने भर्तियों के पहले स्तर पर ही सब्जेक्टिव इम्तिहान में न्यूनतम 35% अंकों की शर्त रखी है. इस कारण बड़ी संख्या में पद खाली रह जाते हैं. इस शर्त को तुरंत हटाया जाना चाहिए.
- हरियाणा GK को मिले वेटेज: मांग की गई कि HPSC की परीक्षाओं में हरियाणा के सामान्य ज्ञान (Haryana GK) के प्रश्नों का वेटेज कम से कम 20% किया जाए, ताकि स्थानीय युवाओं को लाभ मिले और बाहरी राज्यों की घुसपैठ कम हो.
- भर्ती कैलेंडर जारी हो: HPSC और हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (HSSC) हर साल अपना भर्ती कैलेंडर जारी करें ताकि युवाओं को परीक्षा की तारीखों का पहले से पता हो.
- कानूनी पेंच सुलझाएं: नेताओं ने तंज कसते हुए कहा कि भर्तियां ‘पंचवर्षीय योजना’ की तरह हो गई हैं, जो सालों तक कोर्ट में फंसी रहती हैं. आयोग एक विशेष लीगल सेल बनाए और उम्मीदवारों के सुझाव लेकर काम करे ताकि भर्तियां कोर्ट में न अटकें.
- CET पास युवाओं को भत्ता: चुनाव से पहले भाजपा ने वादा किया था कि CET क्वालिफाइड उम्मीदवारों को 9,000 रुपये मासिक दिए जाएंगे. कांग्रेस ने मांग की कि यह राशि जल्द से जल्द जारी की जाए.
खाली पदों को दोबारा भरें: जिन भर्तियों में सीटें खाली रह गई हैं, उन्हें दोबारा विज्ञापित (Re-advertise) कर भरने का काम किया जाए.



