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‘…तो क्या AC कमरे में बिकेगा?’, खुले में मीट बेचने पर लगी रोक तो विपक्ष ने BJP को घेरा

बिहार में अब खुले में मीट बेचे जाने पर लगी रोक के बाद विवाद शुरू हो गया है. कार्रवाई की चेतावनी के बाद अब विपक्ष ने बीजेपी को घेरा है. हालांकि इस पूरे मामले में पर आरजेडी कुछ बोलने से अभी बच रही है. खुले में मांस बेचे जाने पर प्रतिबंध लगा तो इस पर मंगलवार (17 फरवरी, 2026) को अलग-अलग दल के नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी. जेडीयू का कहना है कि नियम पहले से ही है.

‘अल्पसंख्यकों को किया जा रहा टारगेट’

वाम दल के विधायक अजय कुमार ने एबीपी न्यूज़ से कहा कि इस फैसले से अल्पसंख्यकों को टारगेट किया जा रहा है. विजय कुमार सिन्हा नियम-कानून अपने अनुसार तय नहीं करेंगे. सबसे ज्यादा बूचड़खाने तो आरएसएस और बीजेपी के नेताओं के हैं. बीजेपी को घेरते हुए अजय कुमार ने कहा कि खुले में नहीं तो क्या एसी कमरे में मांस बेचे जाएंगे?

जेडीयू ने कहा- किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिए

अजय कुमार ने भले खुलकर हमला किया है लेकिन लालू की पार्टी आरजेडी बचती दिखी. आरजेडी के विधायक भाई वीरेंद्र ने इस पर कहा कि यह सरकार का निर्णय है. हम लोग देखेंगे, उसके बाद इस पर कोई टिप्पणी करेंगे. दूसरी ओर जेडीयू कोटे के मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि यह नियम पहले से है. इसको अगर कड़ाई से लागू किया जा रहा है तो इसमें किसी को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए.

विजय कुमार सिन्हा ने क्या कहा है?

बता दें कि बीते सोमवार को डिप्टी सीएम सह नगर विकास आवास मंत्री विजय सिन्हा ने यह कहा कि खुले में मांस की बिक्री नहीं होगी. लाइसेंस धारी ही मांस बेच सकेंगे. मांस बेचने वालों को सभी नियमों का पालन करना होगा नहीं तो कड़ी कार्रवाई होगी. पूरे बिहार में खुले स्थानों पर मांस की बिक्री नहीं होगी. स्वच्छता, सार्वजनिक स्वास्थ्य और व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह फैसला जरूरी है. किसी की भावना को आहत नहीं होने दिया जाएगा. मांस की दुकानों को पर्दे या शीशे से ढकना होगा, ताकि राहगीरों को किसी प्रकार की असुविधा न हो. लाइसेंस धारी मांस विक्रेताओं को शेल्टर में स्थानांतरित किया जाएगा.

यह भी पढ़ें- बिहार में क्या है मांस बेचने का नियम? 5,000 तक फाइन, नीतीश सरकार की गाइडलाइन जारी

AZMI DESK

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