‘मुझे मरवाने की कोशिश की गई’, जेल से रिहा होने के बाद सांसद पप्पू यादव की पहली प्रतिक्रिया

पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव शुक्रवार (13 फरवरी) को जेल से बाहर आए. उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें नहीं पता कि प्रशासन ने ऐसा क्यों किया. उन्होंने कहा कि वो सरकार पर कोई आरोप नहीं लगाएंगे. हालांकि, उन्होंने ये जरूर कहा कि सरकार में एक दो लोग हैं जिन्होंने ‘बदमाशी’ की है.
नीट छात्रा की मौत मामले में उन्होंने कहा, “NEET की बच्ची की लड़ाई मैं रुकने नहीं दूंगा. जिन पार्टी के नेताओं और साथियों ने हमें सपोर्ट किया उनका मैं हृदय से ऋणी हूं. अगर आज मैं जीता हूं तो ये न्याय की जीत है. मैं न्यायालय को धन्यवाद देना चाहूंगा, जिन्होंने दूध का दूध पानी का पानी किया. इससे सबसे ज्यादा भूमिका मीडिया की है, मैं मीडिया का आभार प्रकट करता हूं. मुझे मरवाने की कोशिश की गई. मैं अस्पताल के सुप्रिटेंडेंट का कॉल डिटेल निकलवाऊंगा. उन्होंने भी मरवाने की कोशिश की…उस दिन भी दो बार मुझे सीनियर एसपी के द्वारा अपमानित किया गया. पूरी साजिश थी कि पप्पू यादव की आवाज को चुप कर देना है.”
#WATCH पटना, बिहार: पटना बेउर जेल से निकलने पर पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कहा, “मुझे नहीं पता कि प्रशासन ने ऐसा क्यों किया। सरकार में एक दो लोग हैं जिन्होंने बदमाशी की है। … एक दिल्ली के नेता, एक बिहार के नेता और एक पुर्णिया के नेता की ये साजिश थी… खेमका… pic.twitter.com/IJbaCJoPdv
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 13, 2026
वहीं अपने एक्स पोस्ट में उन्होंने कहा, “न्यायालय ने दूध का दूध, पानी का पानी कर दिया! लेकिन मैं इंसाफ़ के किसी लुटेरे को कोई छूट नहीं दूंगा! न्याय के लिए लड़ाई जारी रहेगी. अभी मैं बेउर जेल से निकल फुलवारी जा रहा हूं, जहां एक बेटी एक छात्रा को
कोचिंग की छत से फेंक हत्या कर दिया! उनके इंसाफ़ के लिए मज़बूती से लड़ेंगे.”
फुलवारी में गुरुवार (12 फरवरी) को एक कोचिंग में छात्रा की मौत हुई थी. फुलवारी छात्रा को न्याय दिलाने के लिए पप्पू यादव उसके घर पहुंचे. पप्पू यादव ने छात्रा के परिजनों से मुलाकात की और न्याय का भरोसा दिलाया. मृतक छात्रा के पिता ने सांसद को पूरी बात बताई. इस दौरान बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी मौजूद रहे.
बता दें कि पप्पू यादव को साल 1995 के एक जालसाजी मामले में गिरफ्तार किया गया था. उन्हें हालांकि मंगलवार (10 फरवरी) को ही जमानत मिल गई थी लेकिन दो अन्य मामलों के कारण अदालत ने उनकी रिहाई पर रोक लगा दी थी.



