नितीश कटारा हत्याकांड के दोषी विकास यादव को झटका, दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की फरलो वाली याचिका

दिल्ली हाईकोर्ट ने नितीश कटारा हत्याकांड में सजा काट रहे दोषी विकास यादव को तीन हफ्ते की फरलो देने से इनकार कर दिया. अदालत ने साफ कहा कि जेल महानिदेशक द्वारा फरलो की अर्जी खारिज करने के आदेश में कोई मनमानी नहीं है और न ही इससे विकास यादव के संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ है.
दरअसल विकास यादव ने जेल अधिकारियों के 29 अक्टूबर 2025 के उस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें उसकी फरलो की मांग ठुकरा दी गई थी. फरलो का मतलब सजा खत्म होना नहीं होता, बल्कि लंबे समय से जेल में बंद कैदी को कुछ समय के लिए अस्थायी रिहाई दी जाती है. लेकिन कोर्ट ने जेल प्रशासन के फैसले को सही मानते हुए विकास यादव की याचिका खारिज कर दी.
यह है पूरा मामला
नितीश कटारा की फरवरी 2002 में अपहरण के बाद हत्या कर दी गई थी. बताया गया था कि विकास यादव और उसके चचेरे भाई विशाल यादव को नितीश और विकास की बहन भारती यादव के बीच कथित प्रेम संबंध से आपत्ति थी, क्योंकि दोनों अलग-अलग जातियों से थे. इसी वजह से नितीश का अपहरण कर उनकी हत्या कर दी गई.
नितीश कटारा का अपहरण कर की गई थी हत्या
विकास यादव उत्तर प्रदेश के कद्दावर नेता डीपी यादव का बेटा है. इस मामले में विकास यादव और विशाल यादव दोनों को दोषी ठहराया गया था. 3 अक्टूबर 2016 को सुप्रीम कोर्ट ने दोनों को 25 साल की सजा बिना किसी छूट के सुनाई थी. जबकि दूसरे आरोपी सुखदेव यादव को 20 साल की सजा दी गई थी. यह सनसनीखेज वारदात 16-17 फरवरी 2002 की रात को हुई थी जब एक शादी समारोह से नितीश कटारा का अपहरण किया गया और बाद में उनकी हत्या कर दी गई.
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