Jabalpur news:अवैध शराब के खिलाफ किया आंदोलन तो पुलिस ने कर ली अवैध गिरफ्तारी


चाय के बहाने गिरफ्तारी का आरोप: गुलाबी गैंग कमांडर ने पुलिस और तहसीलदार पर लगाए आरोप, लोकायुक्त को बयान देने पहुंची जबलपुर
जबलपुर/छिंदवाड़ा। गुलाबी गैंग की मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ प्रभारी पूर्णिमा वर्मा ने छिंदवाड़ा सिटी कोतवाली पुलिस और एक तहसीलदार पर अवैध गिरफ्तारी और फर्जी प्रकरण दर्ज करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। लोकायुक्त जबलपुर में दर्ज शिकायत के सिलसिले में बुधवार को उन्होंने अपने कथन दर्ज कराए। उनका कहना है कि 30 अगस्त 2025 को उन्हें चाय पिलाने के बहाने बुलाकर हिरासत में लिया गया, जबकि पुलिस रिकॉर्ड में 31 अगस्त को मामला कायम दिखाया गया है। वे दावा करती हैं कि इस कार्रवाई में कानूनी प्रक्रियाओं का उल्लंघन किया गया और उन्हें पाँच दिन जेल में रहना पड़ा।पूर्णिमा वर्मा के अधिवक्ता विवेक तिवारी के अनुसार गिरफ्तारी मेमो 30 अगस्त का है, जबकि प्रतिबंधात्मक कार्रवाई 31 अगस्त को दर्ज दर्शाई गई और 1 सितंबर को उन्हें तहसीलदार के समक्ष प्रस्तुत किया गया। उनका आरोप है कि 24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किए जाने के नियम का पालन नहीं किया गया। साथ ही रोजनामचा प्रविष्टियों में कथित ओवरराइटिंग और तारीखों में विसंगतियां भी सामने आई हैं। अधिवक्ता का कहना है कि जमानत शर्तों में भी बदलाव कर दबाव बनाया गया और अंततः 4 सितंबर को सत्र न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद रिहाई संभव हो सकी।पूर्णिमा वर्मा का कहना है कि वे लंबे समय से छिंदवाड़ा में अवैध शराब और कथित अहातों के खिलाफ “नशा मुक्त अभियान” चला रही हैं, जिससे शराब माफिया प्रभावित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारियों ने मिलीभगत कर उनके खिलाफ कार्रवाई की। वहीं संबंधित अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लोकायुक्त में मामले की जांच प्रचलन में है और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर तय होगी।
जबलपुर से वाजिद खान की रिपोर्ट



