मेरठ: गोदाम से 80 लाख रुपये की नशीली दवाइयां बरामद, ड्रग्स विभाग की लापरवाही उजागर

उत्तर प्रदेश मेरठ के टीपीनगर थाना क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट नगर में पुलिस की कार्रवाई ने ड्रग्स विभाग की बड़ी लापरवाही को उजागर कर दिया है. मुखबिर की सूचना पर सीओ ब्रह्मपुरी और टीपीनगर थाना पुलिस ने एक गोदाम पर छापा मारकर करीब 80 लाख रुपये की अवैध और नशीली दवाइयां बरामद कीं. हैरानी की बात यह रही कि इतनी बड़ी मात्रा में दवाइयां लंबे समय से एक गोदाम में रखी थीं, लेकिन ड्रग्स विभाग की निगरानी में यह मामला सामने नहीं आ सका.
पुलिस ने मौके से एक ‘छोटा हाथी’ वाहन भरकर दवाइयां जब्त कीं. प्राथमिक जांच में आशंका है कि इनकी आपूर्ति मेरठ समेत प्रदेश के अन्य जिलों और दूसरे राज्यों में की जा रही थी. छापेमारी के दौरान गोदाम मालिक तुषार गर्ग को गिरफ्तार कर लिया गया, जिससे पूछताछ जारी है. पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि यह अवैध कारोबार कितने समय से चल रहा था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं.
नारकोटिक्स टीम शामिल
मामले की गंभीरता को देखते हुए नारकोटिक्स टीम को भी जांच में शामिल किया गया है. पुलिस का कहना है कि इस अवैध दवा कारोबार में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा. एसपी सिटी मेरठ आयुष विक्रम सिंह ने कहा कि यह एक बड़ा मामला है और पुलिस पूरी तरह से जांच कर रही है. उन्होंने बताया कि थाने पर बरामद माल की विस्तृत जांच की जा रही है और जल्द ही इस नेटवर्क के सभी सदस्यों को पकड़ लिया जाएगा.
ड्रग्स विभाग की लापरवाही
यह मामला ड्रग्स विभाग की गंभीर लापरवाही को दर्शाता है. इतनी बड़ी मात्रा में नशीली और अवैध दवाइयां लंबे समय तक गोदाम में रखी रहीं, लेकिन विभाग को इसकी कोई जानकारी नहीं थी. पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या इस मामले में किसी अधिकारी की मिलीभगत थी. आगामी जांच में इस बात का खुलासा होने की उम्मीद है कि यह नेटवर्क कितना बड़ा था और कितने लोग इससे जुड़े हुए थे. पुलिस का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.



