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यूपी में BJP के इस कदम से अखिलेश यादव को झटका! CM योगी से मिले सपा सांसद के भतीजे अरविंद चौधरी, हलचल तेज

उत्तर प्रदेश में 2027 के चुनाव को लेकर खेला शुरू हो गया. मंगलवार को बस्ती से समाजवादी पार्टी के सांसद और बड़े कुर्मी नेता राम प्रसाद चौधरी के भतीजे अरविंद चौधरी ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की है. इसकी तस्वीरें भी सामने आई हैं जिसके बाद प्रदेश में सियासी हलचलें तेज हो गई हैं. ये खबर समाजवादी पार्टी को परेशान करने वाली है. 

यूपी में कुर्मी समाज से आने वाले पंकज चौधरी के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद ये बड़ा संकेत माना जा रहा है. 2024 कि लोकसभा चुनाव में भाजपा की हार में कुर्मी समाज की दूरी बड़ी वजह बनकर उभरी थी. वहीं कुर्मी वोटों के समर्थन के चलते सपा पूर्वांचल में काफी मज़बूत मानी जाती है ऐसे में इतने बड़े कुर्मी नेता के घर में सेंध लगाकर बीजेपी ने अपनी चाल चल दी है.  

सीएम योगी से मुलाक़ात के बाद चर्चाएं तेज

सीएम योगी से अरविंद चौधरी की मुलाकात के बाद बस्ती मंडल समेत अयोध्या, देवीपाटन व गोरखपुर मंडल में कुर्मी समाज के बीच सियासी हलचलें तेज हो गई हैं. सपा सांसद राम प्रसाद चौधरी ने अपनी लोकप्रियता व पकड़ के दम पर अपने बेटे कवींद्र चौधरी को कप्तानगंज विधानसभा सीट से जीत भी दिलाई थी. इससे पहले वो बस्ती लोकसभा सीट पर अपने भतीजे अरविंद चौधरी को बसपा से सांसद भी बनवा चुके हैं. 

अरविंद चौधरी सपा सांसद राम प्रसाद चौधरी के भतीजे हैं और कुर्मी समुदाय से आते हैं. 2009 से 2014 तक बसपा के टिकट पर बस्ती से लोकसभा सदस्य रहे हैं. सीएम योगी से मुलाक़ात के बाद उनकी भाजपा में जाने की अटकलें तेज हो गई हैं. आरोप हैं कि राम प्रसाद चौधरी ने बेटे की राजनीति के लिये अरविंद चौधरी को नेपथ्य में ढकेल दिया. कुर्मी समाज के लोग भी दबी जुबान से इसकी चर्चा कर रहे थे. 
 
सपा सांसद की वजह से ही अरविंद चौधरी को एक बार की लोकसभा सदस्यता को छोड़ कर हर मोर्चे पर संघर्ष ही करना पड़ा है. राम प्रसाद लगातार पांच बार विधायक रहे हैं. 2022 में उन्होंने बसपा छोड़ कर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया और उनकी परंपरागत कप्तानगंज विधानसभा सीट से बेटे को विधायक बनवा दिया. 2022 में योगी लहर के बाद भी बस्ती के पांच में चार सीटों पर भाजपा हार गई. 

समाजवादी पार्टी को लग सकता है बड़ा झटका

मंगलवार को उनके भतीजे व पूर्व सांसद अरविंद चौधरी की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भेंट ने चौधरी की बादशाहत के दरकने का संकेत दिया है, भाजपा के प्रादेशिक रणनीतिकारों और स्थानीय भाजपाइयों का कहना है कि अरविंद चौधरी कप्तानगंज विधानसभा से चुनाव लड़ाया जाए ताकि पार्टी को अरविंद चौधरी के भाजपा में आने की सार्थकता की परख हो जाएगी.  

इस मुलाक़ात के बाद निकट भविष्य में अरविंद चौधरी भाजपा में आने की चर्चाएं बढ़ गई है. क़यास है कि बीजेपी उन्हें कप्तानगंज से चुनाव लड़वा सकती है. अगर ऐसा होता है कि इससे सपा की मुश्किलें तो बढ़ेंगी वहीं बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी का भी पार्टी में दबदबा बढ़ेगा. हालांकि कुर्मी समाज के बड़े वर्ग का अनुमान है कि वह बस्ती सदर विधानसभा से चुनाव लड़ कर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आंखों के तारे युवा विधायक महेंद्र यादव से लड़ कर उन्हें पराजित कर भाजपा में मजबूती के साथ स्थाई रूप से अपना स्थान पक्का करना चाहते हैं.

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AZMI DESK

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