क्या बंगाल में कांग्रेस और टीएमसी साथ लडे़गी चुनाव? ममता बनर्जी ने दिया बड़ा संकेत

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार (3 फरवरी 2026) को आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से प्रभावित लोगों को अपना बचाव करने का अवसर नहीं दिया जा रहा. उन्होंने विधानसभा चुनावों से ठीक पहले राज्यों में इस प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाया. टीएमसी चीफ ममता बनर्जी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग की कार्रवाई हो सकती है.
क्या बंगाल में कांग्रेस और टीएमसी साथ लडे़गी चुनाव?
ममता बनर्जी से सवाल पूछा गया कि क्या पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस के बीच गठबंधन की कोई संभावना है? इसके जवाब में ममता बनर्जी ने कहा बंगाल में यह इतिहास रहा है कि सब हमेशा हमारे खिलाफ चुनाव लड़ते रहे हैं और हम अकेले लड़ते रहे हैं.
CEC के खिलाफ महाभियोग लाने पर ममता का बयान
बंगाल की सीएम ने कहा, ‘हमें पता है कि हमारे पास में संख्या बल नहीं है, लेकिन फिर भी अगर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कोई प्रस्ताव आता है तो हम उसका समर्थन करेंगे. कम से कम ये रिकॉर्ड तो हो जाएगा कि किसी मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग का प्रस्ताव लाया गया था. हमने चुनाव आयोग को 6 पत्र लिखे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. हमारे नेताओं ने CEC से मुलाकात की, लेकिन वो भी बेनतीजा रहा. 2002 के बाद कोई SIR नहीं हुआ, आखिर चुनाव से ठीक पहले SIR का फैसला क्यों किया गया?’
बिना तैयारी के SIR का ऐलान क्यों हुआ: CM ममता
उन्होंने कहा, ‘बिना तैयारी के SIR का ऐलान क्यों किया गया. चुनावी राज्यों में जहां एनडीए की सरकार नहीं है सिर्फ वहीं एसआईआर हो रहा है. असम में क्यों नहीं हो रहा? लोगों को अपना नाम जुड़वाने का भी मौका नहीं दिया जा रहा है. 58 लाख लोगों के नाम बिना किसी जांच के हटा दिया गया, लेकिन उनमें से कई लोग जिंदा है जिनको मरा हुआ बताकर हटा दिया गया. 8100 माइक्रो ऑब्जरवर बना दिए गए हैं, जो बीजेपी के लोगों की बात सुन रहे हैं. जो बीजेपी की जीती हुई सीट है वहां पर अगर 10,000 वोट कटे तो हमारी जीती हुई सीट पर 70,000 तक वोट काट दिए गए.’
टीएमसी चीफ ममता ने कहा, ‘अगर आप में हिम्मत है तो चुनाव आयोग का इस्तेमाल मत करिए, जैसा आपने हरियाणा, महाराष्ट्र और बिहार में किया. जो बंगाली बोलता है उसको बांग्लादेशी कहते हैं. हम गंगासागर, छठ पूजा, दुर्गा पूजा सारे त्योहार मनाते हैं. हम ईसाइयों के त्योहार में जाते हैं. राज्य में सबको अपने-अपने त्योहार मनाने का हक है.’



