फॉर्म-7 को लेकर सपा का बड़ा आरोप, अखिलेश यादव बोले- ‘BJP वोटर्स का नाम काटने की…’

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मतदाता सूची से नाम काटने वाले फॉर्म-7 को लेकर भाजपा और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. अखिलेश यादव ने कहा कि उन्हें लोकसभा छोड़कर इस मुद्दे पर सामने आना पड़ा क्योंकि लोकतंत्र के सबसे बड़े हथियार वोट पर सीधा हमला किया जा रहा है.
अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा बड़े स्तर पर PDA वोटरों के नाम मतदाता सूची से कटवाने की साजिश कर रही है. उन्होंने कहा कि जैसे ही यह जानकारी मिली, समाजवादी पार्टी ने सोशल मीडिया के जरिए शिकायत दर्ज कराई और चुनाव आयोग को लिखित रूप में भी अवगत कराया.
अखिलेश यादव ने किया ये दावा
अखिलेश यादव ने दावा किया कि सीतापुर से इसकी शुरुआत हुई, फिर गाजियाबाद से गाजीपुर तक और उन तमाम इलाकों से शिकायतें आईं जहां भाजपा चुनाव हार चुकी है. उन्होंने कहा कि कई मामलों में शिकायतकर्ता पढ़ा-लिखा नहीं है, लेकिन उसके नाम से हस्ताक्षर वाले फॉर्म-7 जमा कर दिए गए.
‘एक व्यक्ति के नाम से 100 से अधिक फॉर्म-7 किए गए जमा’
उन्होंने आरोप लगाया कि एक ही व्यक्ति दशरथ कुमार के नाम से 100 से अधिक फॉर्म-7 जमा किए गए हैं. लखनऊ की सरोजनी नगर सीट पर भी बड़ी संख्या में फॉर्म-7 जमा होने का दावा किया गया. एक बूथ पर 400 में से 300 वोट काटने की कोशिश की गई.
‘सीएम ऑफिस में बैठे कुछ IAS बना रहे अधिकारियों पर दबाव’
अखिलेश यादव ने कहा कि यह सब पेन ड्राइव के जरिए किया जा रहा है, जिसमें वोटरों की डिटेल डीएम और कमिश्नर को दी जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि सीएम ऑफिस में बैठे कुछ आईएएस अधिकारी फील्ड के अधिकारियों पर दबाव बना रहे हैं, यहां तक कि कई जगह BLO का ही वोट काट दिया गया.
‘अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग से की ये मांग’
सपा अध्यक्ष ने चुनाव आयोग से मांग की है कि कागजी फॉर्म-7 को खत्म किया जाए, हर फॉर्म पर यूनिक नंबर और ECI का होलोग्राम हो, अब तक जमा सभी फॉर्म-7 निरस्त किए जाएं, पूरे मामले की न्यायिक जांच हो, AI और CCTV फुटेज की मदद से सत्यापन कराया जाए, दोषियों पर FIR, धारा 420 और राज्य के खिलाफ साजिश का मुकदमा दर्ज हो.
अखिलेश यादव ने कहा कि यह सिर्फ उत्तर प्रदेश की नहीं बल्कि पूरे देश की साजिश है और बंगाल में भी ममता बनर्जी इसी तरह की स्थिति का सामना कर रही हैं. उन्होंने दावा किया कि करीब 1 करोड़ 99 हजार 710 वोट काटने का लक्ष्य तय किया गया है और कई विधानसभा क्षेत्रों के नाम भी गिनाएं. अखिलेश यादव ने जनता और PDA प्रहरी से अपील की है कि ज्यादा से ज्यादा सबूत इकट्ठा करें. उन्होंने कहा, वोटर ID को ही नागरिक ID मानिए. अगर वोट ही नहीं बचेगा तो लोकतंत्र कैसे बचेगा?



