Bengal Elections 2026: क्या विधानसभा चुनाव के लिए वाम-कांग्रेस में होगा गठबंधन? CPI(M) ने किया खुलासा

West Bengal Assembly Elections 2026: SIR को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल है. वोट-मुखी पश्चिम बंगाल में हर दिन राजनीतिक पारा बढ़ रहा है. इसके साथ ही राजनीतिक समीकरणों पर भी चर्चा शुरू हो गई है. इस माहौल में 2026 के विधानसभा चुनाव में क्या वाम-कांग्रेस सीट समझौता करेगी, इस पर विभिन्न हलकों में चर्चा शुरू हो गई है.
इस संबंध में अब एबीपी आनंद के सामने सीपीआईएम राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने अपनी स्थिति स्पष्ट की. उनसे पूछा गया, ”चुनाव तो लगभग आ गया है. आप भी निश्चित रूप से अपनी रणनीति बना रहे हैं. 2021 में आप कांग्रेस के साथ गए थे. इस बार कांग्रेस के साथ आपका क्या रुख है?”
चर्चा फाइनल स्टेज में- मोहम्मद सलीम
उत्तर में मोहम्मद सलीम ने कहा, “हम पिछले पूजा के बाद से ही वाम मोर्चे के जो सहयोगी हैं, उनके साथ चर्चा कर रहे हैं. चार दौर की चर्चा हो चुकी है. अब फाइनल स्टेज में है. क्योंकि किसी और से बात करने से पहले तो अपना घर ठीक करना होता है. पहले सीपीआईएम फिर वाम मोर्चा. वाम मोर्चे के निर्णय के अनुसार, वाम मोर्चे के बाहर जो वाम दल हैं, उनके साथ हम चर्चा कर रहे हैं. अभी चर्चा पूरी नहीं हुई है, क्योंकि ये चर्चाएं मैं नहीं कर रहा हूं.”
उन्होंने आगे कहा, ”हमने सीपीआईएमएल लिबरेशन से बात की है. वे इस बात से सहमत हैं कि वाम मोर्चे में नहीं रहेंगे. वाम मोर्चे के सहयोगी के रूप में हमारा समर्थन करेंगे, हम मिलकर बीजेपी-तृणमूल को हराने के लिए लड़ेंगे. सीट को लेकर जिस दिन बैठेंगे उस दिन फाइनल हो जाएगा.”
आईएसएफ भी साथ आने के लिए सहमत- मोहम्मद सलीम
सलीम कहते हैं, “वाम के बाहर जो हैं, उनमें से हमारी आईएसएफ के साथ बात हुई है. वे भी सैद्धांतिक रूप से सहमत हैं कि वामपंथियों के साथ ही लड़ेंगे. उन्हें यह भी कहा है कि और कौन आएगा नहीं आएगा यह कोई शर्त नहीं रहेगी. वाम मोर्चे के सहयोगियों को जैसे कहा है आईएसएफ को भी वैसा ही कहा है.”
उन्होंने आगे कहा, “कांग्रेस की ओर से तृणमूल के पास कुछ फाइलें भेजी गई हैं. कुछ सीटें देकर अगर समझौता हो सके. इसलिए बार-बार कह रहे हैं कि पहले राजनीतिक रूप से रुख साफ करना होगा. वाम मोर्चे के साथ समझौता करने के लिए पहले राजनीति को स्पष्ट करना होता है. वह राजनीति बीजेपी-तृणमूल विरोधी होगी. सांप्रदायिकता-साम्राज्यवाद विरोधी और मेहनत करने वाले लोगों के पक्ष में होगी.”
सलीम ने कहा, ”हमने तृणमूल के सामने सिर नहीं झुकाया है, उन कांग्रेस कार्यकर्ताओं का हम सम्मान करते हैं. जिन्होंने बहुत लालच-प्रलोभन-मारपीट-लाठी-जेल-जुर्माना, सीपीआईएम जैसे भुगता है. वे तृणमूल में नहीं गए, उस सम्मान को देना होगा. तृणमूल नेतृत्व के साथ अगर कांग्रेस का व्यावसायिक या वाणिज्यिक या राजनीतिक संबंध है, उसके लिए ये क्यों को-लेटरल डैमेज होंगे?”



