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भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर खफा दिखा विपक्ष, वहीं सरकार ने ठहराया सही, जानें किसने-क्या कहा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार देर रात भारत और अमेरिका के बीच डील का ऐलान किया. उन्होंने भारत पर लगाए टैरिफ पर कटौती की है. कई दिनों तक चली बातचीत के बाद इस डील पर सहमति बनी है. अब इस पर देशभर से राजनीतिक नेताओं के बयान सामने आए हैं. किसी ने अच्छा तो किसी ने इसे देशहित में नहीं बताया है. ऐसे में हम आपको उन नेताओं के रिएक्शन साझा कर रहे हैं.
सत्ता पक्ष के नेताओं ने क्या प्रतिक्रिया दी?
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘राष्ट्रपति ट्रंप से बात करके बहुत अच्छा लगा। खुशी है कि अब ‘मेड इन इंडिया’ प्रोडक्ट्स पर टैरिफ 18% कम हो जाएगा. इस शानदार घोषणा के लिए भारत के 1.4 अरब लोगों की तरफ से राष्ट्रपति ट्रंप को बहुत-बहुत धन्यवाद. जब दो बड़ी अर्थव्यवस्थाएं और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र एक साथ काम करते हैं, तो इससे हमारे लोगों को फायदा होता है और आपसी फायदे वाले सहयोग के लिए अपार अवसर खुलते हैं. वैश्विक शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए राष्ट्रपति ट्रंप का नेतृत्व बहुत ज़रूरी है. भारत शांति के लिए उनके प्रयासों का पूरा समर्थन करता है. मैं अपनी साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए उनके साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हूं.’
- रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘अमेरिका द्वारा मेड इन इंडिया उत्पादों पर टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत किया जाना भारतीय उद्योग, MSMEs, युवाओं और किसानों के लिए नए वैश्विक अवसरों के द्वार खोलेगा, जिससे दोनों देशों के बीच मजबूत व्यापारिक साझेदारी और साझा विकास का मार्ग प्रशस्त होगा’
- रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ‘भारत-अमेरिका संबंधों के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण है, क्योंकि एक ऐतिहासिक व्यापार समझौता फाइनल हो गया है, जिससे टैरिफ काफी कम होकर 18% हो गया है और गहरे और बड़े आर्थिक सहयोग का एक नया अध्याय शुरू हुआ है.’
- गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, ‘भारत-अमेरिका संबंधों के लिए यह एक बड़ा दिन है क्योंकि ट्रेड डील 18% की काफी कम टैरिफ दर पर फाइनल हो गई है, जिससे मजबूत व्यापार संबंधों और आपसी विकास का रास्ता साफ हो गया है.’
- जे.पी नड्डा ने कहा, ‘कल देर रात, अमेरिकी राष्ट्रपति ने टैरिफ पर ट्वीट किया और पीएम मोदी को सच्चा दोस्त बताया. इसके बाद, पीएम ने ट्वीट करके अमेरिकी राष्ट्रपति को धन्यवाद दिया और व्यापार के बारे में बात की. सरकार इस व्यापार समझौते पर खुद से एक बयान जारी करेगी और इस पर चर्चा भी करेगी.’
विपक्षी नेताओं ने डील पर क्या प्रतिक्रिया दी?
- शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, ‘INDIA-US ट्रेड डील एक महत्वपूर्ण डील थी. ये इतने दिनों से रुकी थी और भारत उच्चतम टैरिफ वाला राष्ट्र बन गया था उसके बाद 18% पर लाए हैं उसका मैं स्वागत करती हूं. इस डील के बाकी जो पहलू हैं वो देशहित में हैं या नहीं मैं वो जनता के विवेक पर छोड़ूंगी.’
- बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा, ‘समुचित जानकारी के अभाव में तत्काल कोई आकलन करना जल्दबाजी होगी क्योंकि इसपर जमीनी अमल होने के बाद ही यह सही से मालूम हो पायेगा कि इससे देश के खासकर बहुजनों, गरीबों, मजदूरों, किसानों व महिलाओं आदि का क्या भला होगा.’
- सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा, ‘क्या पहले भी टैरिफ 18% था? ये प्रश्न उठाता है कि इसकी घोषणा भारत सरकार की ओर से नहीं हुई है, US के राष्ट्रपति ट्रंप ने इसकी घोषणा की है. US का रवैया दर्शाता है कि जिस प्रकार से डील करना चाहिए उस तरह से हमारा विदेश मंत्रालय डील नहीं कर पा रहा है.’
- राजद सांसद मनोज झा ने कहा, ‘ये ट्रेड डील हमने की है या ट्रंप ने ‘माई वे ऑर द हाईवे’ के आधार पर की है. किसी चीज पर 2-3% टैक्स था उसे 50% ले गए, अब उसे 18% ले आए। ये क्या चल रहा है?… क्या हमने अपनी पूरी संप्रभुता गिरवी रख दी है?’
- कांग्रेस नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा, ‘अमेरिका के कृषि मंत्री ने कहा है इस ट्रेड डील में अमेरिका का सारे खेती उत्पाद जीरो ड्यूटी पर भारत में बेचे जाएंगे. देश के किसान के लिए इससे बड़ा विश्वासघात हो ही नहीं सकता. अब अमेरिका की कपास बिना ड्यूटी के भारत में बिकेगी. वहां का मक्का, गेंहू, डेयरी उत्पाद, बादाम, अखरोट, पिस्ता यहां बिकेंगे. भारत के किसान का क्या होगा? क्या सरकार नहीं जानती की भारत वहां के कृषि और दुग्ध उत्पाद पर इसलिए बैन लगाते हैं कि हम अपने किसानों का संरक्षण करना चाहते हैं.’



