‘राजनीतिक तौर पर दिशाहीन है’, बजट को लेकर कांग्रेस सांसद रणदीप सुरजेवाला ने साधा निशाना

केंद्र सरकार द्वारा रविवार (1 फरवरी 2026) को आम बजट पेश किया गया. इसको लेकर विपक्ष की ओर से आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है. इस बीच कांग्रेस नेता रणदीव सुरजेवाला की भी प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने कहा कि यह बजट पूरी तरह से राजनीतिक तौर पर दिशाहीन है.
उन्होंने आगे बजट को लेकर कहा कि पॉलिसी बैंक करप्सी का जीता-जागता सबूत है. सुरजेवाला ने एक कहावत का जिक्र करते हुए कहा कि अंग्रेजी की एक कहावत है ‘मंबो-जबों’ यानी ऐसी बात कहो जो न खुद को समझ आए न दूसरे को समझ में आए और न बताने वाले को पल्ले पड़े न सुनने वाले को पल्ले को पड़े.
बजट 2026 को लेकर रणदीप सुरजेवाला ने साधा निशाना
रणदीप सुरजेवाला ने आगे कहा कि बजट में बहुत सारे अंग्रेजी के ऐसे शब्द कहे गए जिसके मायने न वित्त मंत्री को समझ में आए और न ही स्टॉक मार्केट को समझ आए. उन्होंने आगे कहा कि न ही अर्थशास्त्रियों को, न ही बीजेपी को समझ में आए और न ही देश को समझ में आए.
उन्होंने कहा कि बहुत सारी कमेटियां बना दी गईं, बहुत सारी योजनाओं की दोबारा से घोषणा कर दी. परंतु नतीजा डिलीवरेवल (जीरो) है. इसमें न किसान, न बेरोजगार युवाओं, रोजगार सर्जन, न खेत-खलिहान और ग्रामीण आंचल के लिए एक शब्द है.
ग्रामीण आंचल को लेकर क्या बोले रणदीप सुरजेवाला?
उन्होंने कहा कि ग्रामीण आंचल का पैसा आधे से ज्यादा खर्च ही नहीं हुआ अब यह साबित हो रहा है. उन्होंने आगे कहा कि दलित, आदिवासी, मजदूर, कामगार, सामाजिक कल्याण, लघु उद्यमियों और दुकानदारों के लिए बजट में एक शब्द भी नहीं है. साथ ही उन्होंने कहा कि साधारण भारत और विपक्षी शासित राज्यों के लिए बजट में एक कोई शब्द नहीं है.
रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि सच यह है कि जो रिफॉर्म एक्सप्रेस है वे चालू होने से ही डिरेल हो गई. यह बजट की सच्चाई है जो आपको स्टॉक मार्केट और खेत-खलिहानों के साथ हिंदुस्तान की छोटी-छोटी दुकानों पर भी दिखाई देगी.



