राज्य

‘आम जनता के हाथ लगी निराशा, युवाओं के लिए…’, बजट को लेकर सचिन पायलट का केंद्र पर निशाना

कांग्रेस महासचिव और राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने केंद्रीय बजट 2026 को लेकर मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है. पायलट ने इस बजट को ‘भरोसेमंद रोडमैप’ से रहित बताते हुए कहा कि यह केवल चुनावी घोषणाओं तक सीमित है और इससे आम जनता, विशेषकर युवाओं को भारी निराशा हाथ लगी है.

सचिन पायलट ने रोजगार के मुद्दे पर सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि वित्त मंत्री ने योजनाओं की घोषणा तो की है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि धरातल पर कितने युवाओं को काम मिलेगा. उन्होंने कहा कि सरकार ने पिछली घोषणाओं का कोई पारदर्शी डेटा पेश नहीं किया कि कितने रोजगार सृजित हुए. आज देश का युवा ‘अंडर-एम्प्लॉयमेंट’ (अल्प-रोजगार) से जूझ रहा है और भविष्य को लेकर चिंतित है.

महंगाई और आर्थिक चुनौतियों की अनदेखी

पायलट ने बजट की आलोचना करते हुए कहा कि वैश्विक और घरेलू आर्थिक अस्थिरता के बावजूद सरकार के पास महंगाई पर लगाम लगाने की कोई ठोस रणनीति नहीं है. आम आदमी पहले से ही कमरतोड़ महंगाई से परेशान है, लेकिन बजट में उसे कोई बड़ी राहत नहीं दी गई.

महिला, किसान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की उपेक्षा

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि बजट में समाज के महत्वपूर्ण वर्गों की अनदेखी की गई है, आर्थिक स्वावलंबन के लिए ठोस योजनाओं का अभाव है. खेती-किसानी को वह प्राथमिकता नहीं दी गई जिसकी दरकार थी. ग्रामीण विकास: ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के दावे खोखले नजर आते हैं और सरकार की उदासीनता स्पष्ट दिख रही है.

बीजेपी शासित राज्यों के साथ भी ‘धोखा’

सचिन पायलट ने इस बात पर हैरानी जताई कि राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में बीजेपी की सरकारें होने के बावजूद, इन प्रदेशों के लिए किसी भी नई बड़ी परियोजना की घोषणा नहीं की गई. उन्होंने इसे जनता के साथ ‘धोखे’ जैसा बताया.

सचिन पायलट ने बजट को संतुलित विकास की दिशा में एक विफल कदम बताते हुए इसे पूरी तरह “चुनावी बजट” करार दिया है, जो वास्तविकता से कोसों दूर है.

AZMI DESK

Related Articles

Back to top button
WhatsApp Join Group!