यूपी: मोरना चीनी मिल के विस्तार के लिए 261.91 करोड़ मंजूर, जंयत चौधरी ने CM योगी का जताया आभार

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने मोरना चीनी मिल के विस्तार, तकनीकी उन्नयन और आधुनिकीकरण के लिए 261.91 करोड़ रुपए की ऐतिहासिक मंजूरी दे दी है. यह फैसला केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि मोरना, मीरापुर और आसपास के हजारों गन्ना किसानों की वर्षों पुरानी पीड़ा और मांग का समाधान है.
लंबे समय से किसान पेराई में देरी, मिल की सीमित क्षमता और तकनीकी समस्याओं से जूझ रहे थे. यह मांग बार-बार उठाई गई, आवाज बनी, संघर्ष हुआ, और अब वही आवाज परिणाम बनकर सामने आई है.
जयंत चौधरी ने ट्वीट कर सीएम योगी का जताया आभार
जयंत चौधरी ने अपने ‘एक्स’ अकाउंट पर लिखा कि आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 ने कृषि क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के नेतृत्व को उजागर किया है. उत्तर प्रदेश चावल, गेहूं और गन्ना (220.80 मीट्रिक टन – 2024-25) का अग्रणी उत्पादक है.
The Economic Survey 2025-26 has put a spotlight on the leadership of Uttar Pradesh in Agriculture. UP is the leading producer of Rice, Wheat and Sugarcane (220.80 MT – 2024-25).
After declaring a farmer friendly SAP in Sugarcane, today the State Government has taken another… https://t.co/J4NklXidjk
— Jayant Singh (@jayantrld) January 29, 2026
जयंत चौधरी ने लिखा कि गन्ने की खेती के लिए किसान हितैषी एसएपी की घोषणा करने के बाद, राज्य सरकार ने आज चीनी उद्योग और किसानों की आय बढ़ाने के लिए एक और प्रगतिशील कदम उठाया है. उन्होंने आगे लिखा कि सीएम योगी मोरना क्षेत्र और मुजफ्फरनगर के किसानों से किए गए वादे को पूरा करने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद.
राष्ट्रीय लोकदल ने सोशल मीडिया पर दी जानकारी
राष्ट्रीय लोकदल के ‘एक्स’ हैंडल से एक ट्वीट किया गया. जिसमें लिखा है कि जयंत चौधरी के निरंतर प्रयासों, किसानों की आवाज को सरकार तक मजबूती से पहुंचाने की प्रतिबद्धता, चंदन चौहान के जमीनी संघर्ष, और योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट दिशा-निर्देशन में यह ऐतिहासिक निर्णय संभव हो पाया है.
मोरना चीनी मिल के विस्तार, तकनीकी उन्नयन और आधुनिकीकरण के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ₹261.91 करोड़ की ऐतिहासिक मंजूरी दे दी गई है.
यह फैसला केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि मोरना, मीरापुर और आसपास के हजारों गन्ना किसानों की वर्षों पुरानी पीड़ा और मांग का समाधान है. लंबे समय से… pic.twitter.com/3bhhcCABbs
— Rashtriya Lok Dal (@RLDparty) January 29, 2026
पोस्ट में आगे लिखा गया कि आज यह निर्णय बताता है कि जब सरकार, नेतृत्व और किसान एक दिशा में चलते हैं, तब विकास सिर्फ घोषणाओं तक सीमित नहीं रहता, जमीन पर उतरता है. यह फैसला मोरना क्षेत्र के किसानों के लिए खुशी, भरोसे और भविष्य की उम्मीद का प्रतीक है.



