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MCD का पहला ‘मुनाफे वाला बजट’ पेश, 1200 करोड़ की बचत और क्लीन-स्मार्ट दिल्ली का मास्टर प्लान

दिल्ली नगर निगम ने वित्तीय प्रबंधन और विकास योजनाओं के मामले में एक नया अध्याय शुरू किया है. स्थायी समिति की अध्यक्षा सत्या शर्मा द्वारा 28 जनवरी 2026 को प्रस्तुत बजट में न केवल पहली बार लाभ का अनुमान लगाया गया है, बल्कि शहर को स्वच्छ, हरित, स्मार्ट और नागरिक-अनुकूल बनाने की ठोस रूपरेखा भी सामने रखी गई है. यह बजट अगले वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आय बढ़ाने, खर्च नियंत्रित करने और जनता से जुड़े हर क्षेत्र में सुधार का भरोसा देता है.

एमसीडी के इतिहास में यह पहला अवसर माना जा रहा है जब लाभ वाला बजट पेश किया गया है. वित्तीय वर्ष 2026-27 में नगर निगम ने 17 हजार करोड़ रुपये से अधिक की आय का लक्ष्य तय किया है, जबकि अनुमानित व्यय साढ़े 16 हजार करोड़ रुपये के आसपास रहेगा. चालू और पूर्व वर्षों की बचत को मिलाकर अगले वर्ष करीब 1200 करोड़ रुपये की शुद्ध बचत का अनुमान है. इस राशि का उपयोग कर्ज घटाने और नई जनकल्याणकारी योजनाओं को शुरू करने में किया जाएगा.

राजस्व बढ़ाने के लिए सख्त और पारदर्शी कदम

नगर निगम अपनी आय को मजबूत करने के लिए संपत्ति कर वसूली को प्रभावी बनाएगा. कर के दायरे में आने वाले सभी परिवारों से टैक्स वसूला जाएगा और सरकारी एवं निजी संपत्तियों से बकाया राशि की वसूली पर विशेष जोर रहेगा. इससे अकेले संपत्ति कर मद में करीब 500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आमदनी का अनुमान है.

इसके साथ ही बाजारों में पार्किंग विकास, विज्ञापन नीति में पारदर्शिता, साइकिल स्टैंड और सार्वजनिक शौचालयों पर विधिवत विज्ञापन व्यवस्था लागू कर निगम की आय में सैकड़ों करोड़ रुपये जोड़ने की योजना बनाई गई है.

साप्ताहिक बाजार और रेहड़ी-पटरी व्यवस्था में सुधार

साप्ताहिक बाजारों में अब सालाना लाइसेंस व्यवस्था लागू होगी और एकमुश्त शुल्क लिया जाएगा. रेहड़ी-पटरी वालों के लिए जोन निर्धारित कर लाइसेंस दिए जाएंगे. इससे न केवल अव्यवस्था कम होगी बल्कि निगम की आमदनी भी बढ़ेगी.

वायु प्रदूषण से निपटने के लिए समन्वित एक्शन प्लान

हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए सभी संबंधित विभागों को जोड़कर एक विशेष ग्रुप ऑफ डिपार्टमेंट बनाया जाएगा. यह समूह पूरे साल प्रदूषण नियंत्रण की योजनाएं तैयार करेगा, उनकी निगरानी करेगा और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करेगा. सड़क की धूल, निर्माण स्थलों, कचरा प्रबंधन और हरियाली बढ़ाने जैसे मुद्दों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

लैंडफिल मुक्त दिल्ली की दिशा में ठोस कदम

भलस्वा, गाजीपुर और ओखला लैंडफिल साइट से कचरा हटाने के बाद वहां हरित क्षेत्र, ऑर्गेनिक गार्डन और जन-सुविधाएं विकसित की जाएंगी. वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट, बायो-मिथेनाइजेशन यूनिट और सी एंड डी वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट से कचरे का वैज्ञानिक निपटान किया जाएगा. इन परियोजनाओं के पूरा होने पर लैंडफिल पर कचरा जाना लगभग बंद हो जाएगा.

सड़क, नाली और सफाई व्यवस्था में बड़ा बदलाव

‘एक सड़क-एक दिन’ योजना के तहत हर जोन में रोज एक प्रमुख सड़क का समग्र कायाकल्प किया जाएगा. नालियों की सालभर सफाई, जलभराव से निपटने के लिए विशेष टीमें और आधुनिक मशीनों की तैनाती की जाएगी. इलेक्ट्रिक रोड स्वीपर, नाइट स्वीपिंग और एंटी-स्मॉग गन की संख्या भी बढ़ाई जाएगी.

स्मार्ट और सुरक्षित दिल्ली पर इंजीनियरिंग विभाग का फोकस

सड़कों के कायाकल्प, मटीरियल रिकवरी सेंटर, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन इस बजट की प्राथमिकता में हैं. सौर ऊर्जा को बढ़ावा देते हुए स्ट्रीट लाइट और सरकारी इमारतों को पूरी तरह सोलर पर लाने का लक्ष्य रखा गया है. मल्टीलेवल पार्किंग परियोजनाओं से ट्रैफिक दबाव कम किया जाएगा.

हरित दिल्ली के लिए मास्टर प्लान

उद्यान विभाग ने शहर को हरा-भरा बनाने के लिए व्यापक वृक्षारोपण और थीम आधारित पार्कों की योजना बनाई है. हर वार्ड में हर्बल पार्क, महिला पार्क, ओपन जिम और योग हट बनाए जाएंगे. नागरिक सहभागिता बढ़ाने के लिए पार्क विकास समितियां गठित होंगी.

शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सेवाओं पर विशेष जोर

स्कूलों में सुरक्षा, स्मार्ट क्लासरूम, स्वास्थ्य जांच और खेल गतिविधियों को मजबूत किया जाएगा. हर वार्ड में आयुष्मान आरोग्य मंदिर, मातृ-शिशु केंद्र और आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी स्थापित होंगी. वरिष्ठ नागरिकों और सामुदायिक कार्यक्रमों के लिए वातानुकूलित भवन बनाए जाएंगे.

पार्षद, कर्मचारी और पत्रकारों के लिए नई सुविधाएं

पार्षद निधि बढ़ाने, समय पर किस्त जारी करने और प्रशासनिक सहयोग देने के प्रावधान किए गए हैं. कर्मचारियों की नियमितीकरण प्रक्रिया तेज होगी और पदोन्नति समय पर मिलेगी. पत्रकारों के लिए निःशुल्क पार्किंग, अलग चिकित्सा विंडो और आधुनिक प्रेस रूम की सुविधा भी बजट में शामिल है.

स्थापना दिवस को मिलेगा नई पहचान

हर वर्ष सात अप्रैल को एमसीडी स्थापना दिवस सम्मान पूर्वक मनाया जाएगा और उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्कूल, पार्क, अस्पताल और कॉलोनियों को पुरस्कार दिए जाएंगे.

कुल मिलाकर यह बजट दिल्ली नगर निगम के लिए वित्तीय संतुलन और प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है. पहली बार लाभ का अनुमान, आय बढ़ाने के व्यावहारिक उपाय और विभिन्न विभागों के लिए स्पष्ट कार्य योजना इस बजट की प्रमुख विशेषताएं हैं. स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण और बुनियादी ढांचे पर केंद्रित प्रावधानों से यह संकेत मिलता है कि निगम आने वाले समय में कर्ज घटाने के साथ-साथ सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने पर फोकस करेगा. अब असली परीक्षा इन घोषणाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और तय समयसीमा में योजनाओं को जमीन पर उतारने की होगी.

AZMI DESK

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