Azamgarh: पुलिस हिरासत में मारी गोली, कोर्ट ने तत्कालीन थानाध्यक्ष को सुनाई उम्रकैद की सजा, 23 साल बाद फैसला

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में 23 साल पहले पुलिस हिरासत में हुई मौत मामले में कोर्ट ने तत्कालीन रानी की सराय थाने में तैनात थानाध्यक्ष को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. इसके अलावा उस पर एक लाख पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है. बुधवार को ये फैसला जिला एवं सत्र न्यायाधीश जय प्रकाश पांडेय ने सुनाया.
दरअसल वादी मुकदमा जितेंद्र यादव के पिता हरिलाल यादव को आज़मगढ़ के रानी की सराय थाने की पुलिस ने 29 मार्च 2003 को एक बैटरी चोरी के मामले में हिरासत में लिया था. जिसके बाद जितेंद्र यादव अपने रिश्तेदार रामवचन यादव के साथ 29 मार्च को ही थाने पर पहुंचे थे, जहां जितेंद्र यादव के सामने ही पूछताछ के दौरान थानाध्यक्ष जे के सिंह के ललकारने पर दारोगा नरेंद्र बहादुर सिंह ने हरिलाल को गोली मार दी थी.
पुलिस हिरासत में मारी दी थी गोली
घायल हरिलाल यादव को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई. घटना के समय जितेंद्र यादव तथा रामवचन यादव को हवालात में बंद कर दिया गया. दूसरे दिन 30 मार्च को कोतवाली में जितेंद्र की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया.
उधर घटना के बाद इसी मामले में रानी की सराय थाने में हत्या का मुकदमा दारोगा नरेंद्र बहादुर सिंह के विरुद्ध पहले ही दर्ज कर लिया गया था। इस पूरे मामले को लेकर जहां शहर कोतवाली में दर्ज मुकदमे को रानी की सराय थाने में दर्ज मुकदमे में शामिल कर लिया गया. बाद में शासन ने सितंबर 2003 में इस मामले की जांच सीबीसीआईडी को सौंप दी. सीबीसीआईडी ने फरवरी 2005 में चार्जशीट दाखिल की. हालांकि इस मुकदमे के दौरान आरोपी दारोगा नरेंद्र बहादुर सिंह की मृत्यु हो गई.
23 साल बाद कोर्ट ने सुनाई सजा
अभियोजन की और से जिला शासकीय अधिवक्ता तथा सहायक शासकीय अधिवक्ता ने कुल सात गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया. दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी तत्कालीन थानाध्यक्ष जेके सिंह को आजीवन कारावास और 1 लाख 5 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है.
इस मामले पर पुलिस महानिदेशक अभियोजन दीपेश जुनेजा ने कहा की अभियोजन की ओर से इस मामले में सभी बिंदुओं का गहनता से परीक्षण कर साक्ष्यों को अदालत के सामने रखा गया. इसके उपरांत माननीय अदालत ने मामले का परीक्षण कर इसमें सजा सुनाई. उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के सभी मामलों पर अभियोजन अधिकारी सतर्क दृष्ट रखे हुए हैं, जिससे कि सभी अपराधियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा दिलवाई जा सके.



