Asaduddin Owaisi Remark: ‘क्या एक ‘गोरा जो कहेगा, हम वही सुनेंगे…’, ट्रंप का नाम लेकर पीएम मोदी को ओवैसी ने सुनाया

AIMIM प्रमुख और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला है. एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने सीएम के उस बयान पर नाराजगी जताई, जिसमें उन्होंने मियां समुदाय को लेकर किराया कम देने की बात कही थी. इसके साथ ही ओवैसी ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल खड़े करते हुए अमेरिका के दबाव में रूस से तेल खरीदना बंद करने के फैसले को स्यूडो-नेशनलिज्म (झूठा राष्ट्रवाद) करार दिया.
सभा में ओवैसी ने असम के मुख्यमंत्री के उस बयान को दोहराया, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर ऑटो ड्राइवर मियां हो तो उसे 5 रुपये के बदले 4 रुपये देने हैं. ओवैसी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि असम में मियां उन बंगाली भाषी मुसलमानों को कहा जाता है, जिन्हें अंग्रेज 150-200 साल पहले खेती के लिए वहां लाए थे. उन्होंने सवाल किया कि क्या इन लोगों का एकमात्र अपराध भारत का नागरिक होना और बंगाली भाषा बोलना है? उन्होंने कहा कि जो देश ‘विकसित भारत’ और चीन से मुकाबले की बात करता है, वहां का मुख्यमंत्री महज 1 रुपये के मामले में इतनी छोटी सोच रख सकता है?
डोनाल्ड ट्रंप और PM मोदी का जिक्र
अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर ओवैसी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई बातचीत का जिक्र किया. उन्होंने कहा, ‘जब ट्रंप ने कहा कि रूस से तेल नहीं खरीदना है तो मोदी जी ने तुरंत कहा- कब बंद करूं?’ ओवैसी ने तंज कसते हुए पूछा, क्या एक ‘गोरा जो कहेगा, हम वही सुनेंगे?’ उन्होंने कहा कि भारत को अपनी संप्रभुता बनाए रखते हुए अपने हित में फैसले लेने चाहिए, न कि किसी और की बातों पर चलना चाहिए.
मोदी सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए
इसके अलावा, ओवैसी ने फिलिस्तीन-इजराइल संघर्ष पर भी मोदी सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि यूक्रेन पर रूस के हमले पर तो अमेरिका तकलीफ जताता है, लेकिन गाजा में 70,000 लोगों की मौत पर दुनिया मौन क्यों है? उन्होंने सरकार से नफरत फैलाने के बजाय संविधान के तहत सबको बराबर का दर्जा देने और मानवीय संकटों पर संतुलित रुख अपनाने की अपील की.
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