उत्तराखंड से जुड़ी थीं अजीत पवार की यादें, साल 2006 में NCP के राष्ट्रीय अधिवेशन के लिए आए थे देहरादून

महाराष्ट्र के बारामती में हुए विमान हादसे ने देश की राजनीति को गहरे शोक में डुबो दिया है. इस दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार समेत पांच लोगों की मौत हो गई. यह हादसा बुधवार सुबह उस समय हुआ, जब मुंबई से बारामती आ रहा लियरजेट-45 विमान खराब दृश्यता के बीच लैंडिंग का प्रयास कर रहा था.
जानकारी के अनुसार विमान ने एक बार ‘गो-अराउंड’ करने के बाद दूसरी बार रनवे पर उतरने की कोशिश की. एयर ट्रैफिक कंट्रोल से लैंडिंग की अनुमति मिल चुकी थी, लेकिन अंतिम क्षणों में कोई ‘रीड-बैक’ नहीं मिला. इसके कुछ ही पलों बाद विमान रनवे के किनारे आग की चपेट में आ गया. इस भीषण हादसे में सभी पांचों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई.
दिवंगत अजित पवार की यादें उत्तराखंड से भी जुड़ी रही हैं. वर्ष 2006 में वे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के राष्ट्रीय अधिवेशन में शामिल होने देहरादून आए थे. उस दौरान देहरादून के राजपुर रोड स्थित एक होटल में उनके ठहरने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन होटल में कमरे को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई. इसके चलते अजित पवार को लगभग एक घंटे तक होटल के रिसेप्शन पर बैठकर इंतजार करना पड़ा था.
इस घटना को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने सोशल मीडिया पर साझा किया है. उन्होंने लिखा कि अजित पवार का विमान हादसे में निधन बेहद दुखद है. वर्ष 2006 में देहरादून में आयोजित एनसीपी के राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान वे यहां आए थे. उस समय सूर्यकांत धस्माना एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष थे. उन्होंने बताया कि पवार के लिए होटल मधुबन में कमरा आवंटित किया गया था, लेकिन कमरे को लेकर भ्रम की स्थिति बन गई, जिससे उन्हें कुछ समय तक रिसेप्शन पर बैठना पड़ा.
धस्माना ने आगे लिखा कि जब उन्हें इसकी जानकारी मिली तो वे तुरंत होटल पहुंचे और ‘दादा’ कहकर अजित पवार से क्षमा मांगी. इस पर पवार मुस्कुराते हुए बोले कि इतने बड़े आयोजन में ऐसी छोटी-मोटी बातें हो जाती हैं. उनकी इस सहज और सरल प्रतिक्रिया से सारा तनाव खत्म हो गया और इसके बाद वे अपने कमरे में चले गए. अजित पवार का यह किस्सा उनके सरल स्वभाव और जमीन से जुड़े व्यक्तित्व को दर्शाता है, जिसे उत्तराखंड के लोग आज भी याद करते हैं.



