UGC कानून के विरोध में बृजभूषण शरण सिंह, अपनी ही सरकार पर भड़के, कहा- ‘ऑफिस में बैठकर समाज…’

यूजीसी के नए नियमों को लेकर देशभर में विरोध बढ़ता जा रहा है. इसको लेकर तमाम नेताओं की तरफ से प्रतिक्रियाओं और विरोध का दौर जारी है. इस बीच पूर्व WFI चीफ और पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने विरोध जताया है. उन्होंने कहा कि आपसे हाथ जोड़कर विनती है कि इस कानून को वापस लिया जाए.
पूर्व WFI चीफ पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने यूजीसी का विरोध कर अपना बयान सोशल मीडिया पर वायरल किया. बृजभूषण शरण सिंह ने कहा यूजीसी का कानून समाज को बांटने का काम कर रहा है.
‘समाज ऑफिस से बैठकर नहीं चलता’
उन्होंने कहा कि समाज ऑफिस में बैठकर नहीं चलता. समाज को चलाना है तो गांव आइए. समाज कागजी कानूनों से नहीं चलता. उन्होंने आगे कहा कि गांव में आकर देखिए बिना किसी भेदभाव और जातीय रंग के बच्चे एक साथ खेलते हैं. कोई भी बच्चा किसी की जाति के बारे में नहीं पूछता.
यूजीसी कानून के खिलाफ क्या बोले बृजभूषण शरण सिंह?
बृबभूषण शरण सिंह ने कहा कि क्या कानून महिलाओं के लिए बनाया गया? क्या महिलाएं परेशान नहीं हो रही है? उन्होंने आगे कहा कि जो SC ST कानून बनाया गया, क्या उसका दुरुपयोग नहीं हो रहा है?
उन्होंने आगे कहा कि अगर कोई गलती करें तो तो उसकी सजा दी जाए. लेकिन समाज में भेदभाव ना किया जाए. इस कानून को तुरंत वापस लिया जाए, वरना आंदोलन होगा और उसमें सभी समाजों के बच्चे शामिल होंगे.
यूपी में यूजीसी को लेकर शुरू हुआ विरोध
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों के खिलाफ उत्तर प्रदेश में बुधवार (28 जनवरी) को विरोध तेज हो गया. जहां देवरिया और कौशांबी में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन हुआ, वहीं रायबरेली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक पदाधिकारी ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया.
अधिकारियों ने कहा कि देवरिया में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्द्धन हेतु) विनियम, 2026 के विरोध में बुधवार को बड़ी संख्या में लोग सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए कचहरी के पास रोड पर एकत्रित हुए और धरना दिया.



