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Maharashtra Politics: अजित पवार की गैर-मौजूदगी में शिवसेना से डील करना सीएम फडणवीस के लिए होगा मुश्किल! जानें- क्यों?

महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अध्यक्ष अजित पवार के निधन से राज्य में सत्ताधारी महायुति गठबंधन की अंदरूनी राजनीति में बदलाव आ सकता है. अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के लिए अपने वरिष्ठ सहयोगी और डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के साथ भविष्य में रिश्ते संभालना मुश्किल हो सकता है.

महाराष्ट्र की सियासत औऱ सरकार में अजित पवार बीजेपी, शिवसेना (शिंदे गुट) और उनके नेतृत्व वाले नेश्नलिस्ट कांग्रेस पार्टी वाली गठबंधन सरकार में एक अहम स्तंभ बनकर उभरे थे. पवार का सियासी कद, अनुभव और विधानसभा में संख्याबल की ताकत गठबंधन के सहयोगियों के बीच संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण थे.

अजित पवार, फडणवीस के कितने मददगार थे?

फडणवीस के साथ पवार के समीकरण ने मुख्यमंत्री को गठबंधन की राजनीति को संभालने में, खासकर एकनाथ शिंदे को बैलेंस करने में काफी मदद की थी. आज जब एक ओर बारामती में पवार के अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रहीं हैं तो दूसरी ओर सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें स्व. एनसीपी चीफ यह कहते दिख रहे हैं कि मैं तो डिप्टी सीएम बन रहा हूं, एकनाथ जी का नहीं पता. 2024 के चुनाव के बाद के इस वीडियो और इसमें बातचीत देखकर ही यह स्पष्ट होता है कि फडणवीस और पवार के बीच सियासी केमेस्ट्री ठीक थी.

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अब जब पवार नहीं रहे, तो अलायंस के बीत अंदरूनी संतुलन बनाए रखना मुश्किल हो सकता है. इस हादसे के बाद गठबंधन में अनिश्चितता आ सकती है. राजनीतिक और प्रशासनिक मामलों में डिप्टी सीएम शिंदे के मुद्दों का निपटारा करते समय मुख्यमंत्री को पवार की कमी खल सकती है.

एनसीपी का क्या होगा?

पवार का निधन ऐसे समय हुआ है जब NCP के भीतर राजनीतिक गठजोड़ को लेकर चर्चाएं फिर से शुरू हो गई थीं. महानगर पालिका चुनावों में ही देखा गया कि सुप्रिया सुले और अजित एक साथ मंच पर आए. बल्कि दो महानगर पालिकाओं में एनसीपी (शरद) और एनसीपी (अजित) के बीच अलायंस भी हुआ.

एनसीपी के अजित गुट के सरकार में आने के बाद, गठबंधन के कामकाज के संदर्भ में दावा किया जाता  है कि अजित पवार के चलते स्थिरता रही. उनके साथ हुए इस हादसे से न केवल उनकी पार्टी के लिए नुकसान है, बल्कि यह एक ऐसा वक्त भी है जो महाराष्ट्र के सत्ताधारी गठबंधन के भीतर बहुत कुछ बदल सकता है.

AZMI DESK

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