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शंकराचार्य विवाद पर राजस्थान में भी सियासत गर्म, कांग्रेस बोली- ‘BJP सत्ता के अहंकार में…’

प्रयागराज के माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के अनशन को लेकर राजस्थान में भी सियासत गर्म हो गई है. इसको लेकर कांग्रेस नेता टीकाराम जूली ने बीजेपी और उसकी सरकारों पर निशाना साधा है.

टीकाराम जूली ने कहा, “जो लोग कभी खुद की डिग्री नहीं दिखा पाए वह शंकराचार्य से प्रमाण मांग रहे हैं. बीजेपी अपना अलग सनातन बनाने की कोशिश कर रही है. शंकराचार्य व दूसरे लोग जिस सनातन को मानते हैं, बीजेपी उसे बदलना चाहती है. इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है.”

उन्होंने कहा, “लोग मूल सनातन को ही मानेंगे और बीजेपी का सनातन कभी स्वीकार नहीं करेंगे, जो भी लोग बीजेपी के एजेंडे को नहीं मान रहे हैं, उन्हें टारगेट किया जा रहा है. अब तो पूरी तरह हद हो गई है. सरकार पहले विपक्षी नेताओं और विपक्षी पार्टियों को टारगेट कर रही थी. उनके घर ईडी और सीबीआई भेजी जा रही थी, लेकिन अब सच बोलने वाले शंकराचार्य को भी सिर्फ इसलिए टारगेट किया जा रहा है क्योंकि वह गौ माता के लिए आवाज उठा रहे हैं.”

‘कांग्रेस नहीं करेगी इसे बर्दाश्त’

टीकाराम जूली ने ये भी कहा, “सरकार की कमियों को उजागर करने का काम कर रहे हैं, कांग्रेस पार्टी इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेगी. कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लेकर लगातार जनता के बीच जा रही है, हम इस मुद्दे को लगातार उठा रहे हैं. समझा जा सकता है कि अगर शंकराचार्य के साथ ऐसा हो रहा है. तो इस सरकार के राज में आम लोगों के साथ क्या होता होगा.”

‘प्लानिंग से शंकराचार्य के खिलाफ किया जा रहा दुष्प्रचार’

कांग्रेस नेता ने ये भी कहा, “सरकार अगर यह कह रही है कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को उठाने का काम कर रही है, तो उसे इस मुद्दे का निपटारा पहले ही दिन कर देना चाहिए था. डबल इंजन की सरकार इस मुद्दे पर अभी तक खामोश क्यों बैठी हुई है. सुनियोजित साजिश के तहत शंकराचार्य के खिलाफ दुष्प्रचार किया जा रहा है. सरकार को चाहिए कि वह शंकराचार्य से माफी मांगे. संत कतई कठोर दिल के नहीं होते और गलती करने वालों को माफ भी कर देते हैं.”

‘सत्ता हमेशा साथ नहीं रहती’

टीकाराम जूली ने ये भी कहा, “बीजेपी के लोग शंकराचार्य को लेकर गलत परसेप्शन तैयार कर रहे हैं. बीजेपी को यह समझना चाहिए कि बड़े-बड़े लोग आते और चले जाते हैं. सत्ता हमेशा साथ नहीं रहती है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद भी संत हैं, लेकिन अब वह सत्ता के अहंकार में हैं. जो लोग सनातन का नाम लेकर सत्ता में आए, वही अब साधु संतों का अनादर कर रहे हैं.”

AZMI DESK

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