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हिमाचल में फिर येलो अलर्ट, भारी बर्फबारी से जनजीवन हुआ अस्त-व्यस्त, 600 सड़कों के 4 NH भी बंद

हिमाचल प्रदेश में जहां भारी बर्फबारी किसानों की बागवानों के लिए राहत बनकर बरसी है तो, वहीं बर्फबारी के बाद आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है.  शिमला, कुल्लू, चंबा और किन्नौर जैसे पहाड़ी जिलों में बर्फ का असर सबसे ज्यादा दिख रहा है.

शिमला में भले ही रात से बर्फबारी का दौर थम गया है, लेकिन मुश्किले बढ़ गई हैं. वहीं ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का दौर फिर से शुरू हो गया है. चम्बा, किन्नौर और कुल्लू जिलों के ऊंचे इलाकों में रुक-रुक कर बर्फबारी भी हो रही है. 

मौसम विभाग ने राज्य में फिर से लगाया येलो अलर्ट

मौसम विभाग ने 27 जनवरी को राज्य में फिर से भारी बर्फबारी, बारिश और तूफान चलने का येलो अलर्ट जारी किया है. राज्य के पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी के कारण यातायात पूरी तरह ठप है और लोग मजबूरी में पैदल चलने को मजबूर हैं. वहीं राजधानी शिमला में दूसरे दिन भी हालात सामान्य नहीं हो पाए हैं. शहर की लगभग सभी सड़कों पर यातायात पूरी तरह रुक गई हैं. सरकारी दफ्तरों, कार्यस्थलों और बाजारों की ओर जाने वाले कर्मचारी और आम लोग फिसलन के बीच पैदल सफर कर रहे हैं. 

हिमाचल प्रदेश में ताजा बर्फबारी से 600 से ज्यादा सड़कें ठप हो गई है और 4 NH भी बंद हो गया है. इसमें सबसे ज्यादा सड़कें लाहौल स्पीति में बंद हुई हैं. वहीं पांच हजार से ज्यादा बिजली के ट्रांसफार्मर ठप हो गए हैं. जिसकी वजह से राजधानी शिमला सहित कई क्षेत्र अंधेरे में डूबे हुए हैं. सड़कों से बर्फ हटाने का कार्य चल रहा है लेकिन फिसलन के कारण हालात सुधरने के बजाय और बिगड़ रही है.

शिमला से निचले जिलों हमीरपुर, बिलासपुर, मंडी और कांगड़ा को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग शिमला से करीब 12 किलोमीटर दूर हीरानगर में बंद है. इस वजह से आईएसबीटी शिमला से बसों की आवाजाही पूरी तरह ठप है और बसें हीरानगर से ही वापस लौट रही हैं. वहीं यात्रियों को बस पकड़ने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है. शिमला-चंडीगढ़ हाइवे पर यातायात सुचारू है, लेकिन फिसलन बढ़ गई है.

शिमला के ऊपरी क्षेत्रों का संपर्क जिला मुख्यालय से कटा

ऊपरी शिमला के रोहड़ू, चौपाल, जुब्बल और कोटखाई क्षेत्रों का संपर्क लगातार दूसरे दिन भी जिला मुख्यालय से कटा हुआ है. हिमाचल पथ परिवहन निगम ने बर्फबारी प्रभावित रूटों पर बस सेवाएं स्थगित कर दी हैं. कई स्थानों पर पर्यटकों और स्थानीय लोगों के वाहन फंसे हुए हैं. गांवों से लेकर शहरों तक बिजली आपूर्ति बाधित है और कई इलाकों में पेयजल संकट भी गहरा गया है.

मनाली और आसपास के इलाकों में भी सुबह के समय बर्फबारी का दौर फिर तेज हो गया है. मनाली मॉल रोड पर करीब एक फुट तक ताजा बर्फ जम चुकी है, जिससे पर्यटन गतिविधियों की रफ्तार थम गई है. मनाली से पतलीकूहल के बीच कई पर्यटक वाहन फंसे हुए हैं. प्रशासन की ओर से फंसे लोगों को भोजन और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं. चंबा और किन्नौर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी फिर से बर्फबारी शुरू हो गई है, जिससे हालात और चुनौतीपूर्ण हो गए हैं.

26 से 28 जनवरी को भी बारिश और भारी बर्फबारी की संभावना

मौसम विभाग के मुताबिक कुल्लू जिले के कोठी में 105 सेंटीमीटर, गोंदला में 85, केलंग में 75, खदराला में 68, कुफरी में 66, मनाली में 45, शिलारू में 45, कुकुमसेरी में 41, जोत में 32, हंसा में 30 और सांगला व शिमला में 27-27 सेंटीमीटर बर्फबारी दर्ज की गई है. वहीं बारिश की बात करें तो धर्मपुर में 91, सोलन में 68 और कंडाघाट में 67 मिलीमीटर बारिश हुई है.

बर्फबारी और बारिश के बाद पूरे प्रदेश में भीषण ठंड पड़ रही है. शिमला, मनाली, कल्पा, कुकुमसेरी, नरकंडा, कुफरी, मशोबरा और ताबो सहित 11 शहरों का न्यूनतम तापमान शून्य से नीचे चला गया है. शिमला में न्यूनतम तापमान माइनस 0.5 डिग्री, मनाली में माइनस 0.4, कल्पा में माइनस 3.8 और कुकुमसेरी में माइनस 7.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है.

मौसम विभाग ने आज और कल भी मौसम खराब रहने की संभावना जताई है और शीतलहर का अलर्ट भी जारी किया है. 26 जनवरी से एक और ताजा पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसके असर से 26 से 28 जनवरी तक फिर तेज बारिश और बर्फबारी हो सकती है. वहीं 27 जनवरी को भारी बर्फबारी, बारिश और तेज हवाओं को लेकर यलो अलर्ट भी जारी किया गया है. विभाग के अनुसार 29 जनवरी से मौसम के साफ होने की उम्मीद है.

AZMI DESK

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