डिस्टर्ब एरिया बिल: बालमुकुंद आचार्य की मांग, ‘डराकर खरीदी गई पुरानी रजिस्ट्रियां भी हों रद्द’

राजस्थान में भजनलाल शर्मा सरकार द्वारा लाए जा रहे ‘डिस्टर्ब एरिया बिल’ (अशांत क्षेत्र विधेयक) को लेकर प्रदेश की राजनीति में सरगर्मियां तेज हो गई हैं. जयपुर की हवा महल सीट से बीजेपी विधायक स्वामी बालमुकुंद आचार्य ने इस प्रस्तावित कानून को लेकर एक बड़ा और आक्रामक बयान दिया है. हवा महल विधायक स्वामी बालमुकुंद आचार्य ने मांग की है कि कानून बनने के बाद संपत्तियों की बिक्री पर केवल रोक लगाना ही काफी नहीं होगा. उन्होंने पुरजोर तरीके से कहा कि पिछले दो सालों में भय का माहौल बनाकर, डरा-धमकाकर या दबाव डालकर बहुसंख्यक वर्ग (हिंदुओं) की जो संपत्तियां खरीदी गई हैं, उनकी रजिस्ट्रियां तत्काल प्रभाव से रद्द होनी चाहिए. विधायक के मुताबिक, कई इलाकों में सुनियोजित तरीके से लोगों को घर छोड़ने पर मजबूर किया गया है.
विदेशी फंडिंग और फंडिंग के स्रोत पर सवाल
बालमुकुंद आचार्य ने संपत्तियों की खरीद-फरोख्त में पैसे के स्रोत को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा, “यह जांच का विषय है कि बहुसंख्यक वर्ग की संपत्तियों को ऊंचे दामों पर खरीदने के लिए पैसा कहां से आ रहा है? कहीं इन संपत्तियों की खरीद के पीछे विदेशी फंडिंग तो नहीं हो रही है? इन संपत्तियों को हथियाने का असली उद्देश्य क्या है, इसकी तह तक जाना जरूरी है.”
विधानसभा में पेश करेंगे पलायन के आंकड़े
विधायक ने दावा किया कि आगामी विधानसभा सत्र में जब यह बिल पेश किया जाएगा, तो वे अपने इन सुझावों को विधेयक में शामिल करने की सिफारिश करेंगे. साथ ही, वे उन शहरों और विशिष्ट इलाकों के आंकड़े भी सदन पटल पर रखेंगे जहां से हिंदू परिवारों का पलायन बड़े पैमाने पर हुआ है. उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व में विधानसभा चर्चा के दौरान उन्होंने ही इस तरह के सख्त कानून की मांग उठाई थी.
कांग्रेस पर तुष्टिकरण का आरोप
विपक्ष के विरोध पर पलटवार करते हुए स्वामी बालमुकुंद आचार्य ने कहा कि कांग्रेस हमेशा तुष्टिकरण की राजनीति करती आई है और उसे जनता के हितों से कोई सरोकार नहीं है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस हर अच्छे कदम का विरोध करती है, लेकिन इस बिल के आने से पलायन रुकेगा और शहरों का सामाजिक संतुलन फिर से बहाल होगा.



