स्वास्थ्य

Vaccines After 18: 18 के बाद कहीं आप भी तो नहीं भूल गए ये जरूरी टीके? जानिए क्यों आज भी हैं बेहद जरूरी

डॉक्टरों के मुताबिक, समय के साथ शरीर की रोगों से लड़ने की ताकत कमजोर होने लगती है. कुछ वैक्सीन का असर भी सालों बाद कम हो जाता है, इसलिए शरीर को बूस्टर डोज की जरूरत पड़ती रहती है. खासकर बुजुर्गों, प्रेग्नेंट महिलाओं और डायबिटीज या दूसरी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए वैक्सीन बहुत जरूरी मानी जाती हैं. इससे शरीर को खतरनाक वायरस और संक्रमण से लड़ने की ताकत मिलती है और गंभीर बीमारियों का खतरा कम होता है.

डॉक्टरों के मुताबिक, समय के साथ शरीर की रोगों से लड़ने की ताकत कमजोर होने लगती है. कुछ वैक्सीन का असर भी सालों बाद कम हो जाता है, इसलिए शरीर को बूस्टर डोज की जरूरत पड़ती रहती है. खासकर बुजुर्गों, प्रेग्नेंट महिलाओं और डायबिटीज या दूसरी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए वैक्सीन बहुत जरूरी मानी जाती हैं. इससे शरीर को खतरनाक वायरस और संक्रमण से लड़ने की ताकत मिलती है और गंभीर बीमारियों का खतरा कम होता है.

साथ ही हर साल बदलने वाले फ्लू वायरस से बचने के लिए डॉक्टर साल में एक बार फ्लू वैक्सीन लेने की सलाह देते हैं. फ्लू को लोग अक्सर सामान्य बुखार समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. इसके अलावा Tdap वैक्सीन भी काफी जरूरी है, जो टिटनेस, डिप्थीरिया और काली खांसी जैसी बीमारियों से बचाव करती है. डॉक्टरों का कहना है कि हर 10 साल में इसका बूस्टर लगवाना जरूरी होता है ताकि शरीर की सुरक्षा बनी रहे.

साथ ही हर साल बदलने वाले फ्लू वायरस से बचने के लिए डॉक्टर साल में एक बार फ्लू वैक्सीन लेने की सलाह देते हैं. फ्लू को लोग अक्सर सामान्य बुखार समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. इसके अलावा Tdap वैक्सीन भी काफी जरूरी है, जो टिटनेस, डिप्थीरिया और काली खांसी जैसी बीमारियों से बचाव करती है. डॉक्टरों का कहना है कि हर 10 साल में इसका बूस्टर लगवाना जरूरी होता है ताकि शरीर की सुरक्षा बनी रहे.

Published at : 09 May 2026 06:53 PM (IST)

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AZMI DESK

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