नोएडा पुलिस ने फर्जी ‘इंटरनेशनल पुलिस एंड क्राइम इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो’ गैंग का किया भंडाफोड़, 6 गिरफ्तार

नोएडा।
थाना फेस-3 पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर की टीम ने ‘इंटरनेशनल पुलिस एंड क्राइम इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो’ के नाम पर लोगों को ठगने वाले गैंग का पर्दाफाश किया है। आरोपी फर्जी ऑफिस बनाकर खुद को सरकारी अधिकारी और पुलिस जैसी संस्था का सदस्य बताते थे, ताकि आम लोगों को प्रभावित कर उनसे पैसे ऐंठ सकें। पुलिस ने इस मामले में छह आरोपियों को बीएस-136, सेक्टर-70 से गिरफ्तार किया है।
गैंग का तरीका-ए-वारदात
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आरोपी पहले किराए पर ऑफिस लेते थे और वहां पुलिस जैसे रंग, लोगो और बोर्ड लगाकर इंटरनेशनल पुलिस एंड क्राइम इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो का माहौल तैयार करते थे।
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लोगों को मूर्ख बनाने के लिए जाली दस्तावेज और मंत्रालयों से मान्यता प्राप्त फर्जी प्रमाणपत्र दिखाते थे।
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दावा करते थे कि उनकी शाखा यूके में भी है और उनका संबंध इंटरपोल व इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स जैसे संगठनों से है।
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विश्वास जीतने के बाद डोनेशन के नाम पर लोगों से पैसा वसूलते थे, जिसकी प्रक्रिया उनकी वेबसाइट www.intlpcrib.in के माध्यम से होती थी।
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उनके पास प्रेस आईकार्ड, मानवाधिकार आयोग के आईकार्ड, विभिन्न संस्थाओं की मोहर और लोगो मौजूद थे।
जब्ती की सूची
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से बरामद:
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9 मोबाइल फोन
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17 स्टाम्प मोहर
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6 चेकबुक
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9 आईडी कार्ड, 1 पैन कार्ड, 1 वोटर कार्ड
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6 एटीएम कार्ड, 3 प्रकार के विजिटिंग कार्ड
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मंत्रालयों से मान्यता प्राप्त फर्जी प्रमाणपत्र
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1 सीपीयू
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4 फर्जी बोर्ड (इंटरनेशनल पुलिस एंड क्राइम इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो)
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₹42,300 नकद और अन्य दस्तावेज
गिरफ्तार आरोपियों के नाम व विवरण
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बिभाष चन्द्र अधिकारी – बीए पास, निवासी वीरभूम, पश्चिम बंगाल
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अराग्य अधिकारी – बीए एलएलबी पास, निवासी वीरभूम, पश्चिम बंगाल
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बाबुल चन्द्र मंडल – 12वीं पास, निवासी 24 परगना, पश्चिम बंगाल
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पिन्टू पाल – 12वीं पास, निवासी वीरभूम, पश्चिम बंगाल
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समापदमल – 12वीं पास, 29 वर्ष, निवासी वीरभूम, पश्चिम बंगाल
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अशीष कुमार – 12वीं पास, 57 वर्ष, निवासी कोलकाता, पश्चिम बंगाल
मुकदमा दर्ज
आरोपियों के खिलाफ थाना फेस-3 में धारा 204, 205, 318, 319, 336, 339, 338, 3(5) BNS,
आईटी एक्ट की धारा 66C, 66D और 3/4 Emblems and Names (Prevention of Improper Use) Act 1950 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस का बयान
थाना फेस-3 पुलिस के अनुसार:
“यह गैंग लंबे समय से लोगों को सरकारी संस्था और अंतरराष्ट्रीय संगठन का हवाला देकर ठग रहा था। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है। आगे की जांच में इनके नेटवर्क और पीड़ितों की सूची तैयार की जा रही है।”



