स्वास्थ्य

Hantavirus Outbreak: बदलते मौसम के साथ तेजी से फैल रहा हंतावायरस वायरस, क्लाइमेट चेंज का नया खतरा

Hantavirus Outbreak: दुनियाभर में बढ़ता क्लाइमेट चेंज अब सिर्फ मौसम तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसका असर इंसानों की सेहत पर भी दिखाई देने लगा है. वैज्ञानिकों का कहना है कि बदलते मौसम और पर्यावरणीय असंतुलन की वजह से कई संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है. इन्हीं में से एक हंतावायरस वायरस है, जिसे पहले केवल कुछ सीमित इलाकों की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब इसके मामले कई देशों में बढ़ते दिखाई दे रहे हैं.

एक्सपर्ट के अनुसार, जलवायु परिवर्तन की वजह से चूहाें और दूसरे कृंतक जीवों के रहने की जगह और उनकी संख्या में बदलाव हो रहा है. यही जीव हंतावायरस के मुख्य वाहक माने जाते हैं. ऐसे में इंसानों के संपर्क में इनके आने का खतरा भी पहले से ज्यादा बढ़ गया है. 

क्या है हंतावायरस वायरस?

हंतावायरस एक ऐसा वायरस है जो मुख्य रूप से चूहाें और चूहाें जैसी प्रजातियों से फैलता है. यह वायरस उनके पेशाब, मल और लार के जरिए वातावरण में पहुंचता है. जब संक्रमित धूल या कण इंसान सांस के जरिए शरीर में लेते हैं तब संक्रमण हो सकता है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, हंतावायरस के कई प्रकार होते हैं, लेकिन एंडीज वायरस ऐसा स्ट्रेन है जो इंसानों से इंसान में फैल सकता है. यह वायरस मुख्य रूप से दक्षिण अमेरिका में पाया जाता है. 

क्लाइमेट चेंज से क्यों बढ़ रहा खतरा?

रिपोर्ट के अनुसार, मौसम में बदलाव और अनियमित बारिश हंतावायरस फैलाने वाले कृंतकों की संख्या को प्रभावित कर रही है. भारी बारिश के बाद वनस्पति तेजी से बढ़ती है, जैसे चूहों को ज्यादा भोजन मिलता है और उनकी आबादी बढ़ने लगती है. वहीं बाढ़ आने पर यह जीव अपने प्राकृतिक आवास छोड़कर इंसानी बस्तियों की ओर आने लगते हैं. दूसरी तरफ सूखे की स्थिति में भी भोजन और पानी की तलाश में यह जीव मानव आबादी के करीब पहुंच जाते हैं. यही वजह है की मौसम में बदलाव के साथ संक्रमण का खतरा भी बढ़ रहा है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि बढ़ते तापमान की वजह से चूहों के प्रजनन चक्र पर भी असर पड़ रहा है. पहले ठंड का मौसम उनकी संख्या को सीमित करने में मदद करता था, लेकिन अब तापमान बढ़ने से यह जीव नए इलाकों तक फैलने लगे हैं. 

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कई देशों में बड़े मामले 

पैन अमेरिकन हेल्थ आर्गेनाइजेशन की रिपोर्ट के अनुसार दक्षिण अमेरिकी देश बोलिविया और पराग्वे में हंतावायरस पल्मोनरी सिंड्रोम के मामले में तेजी देखी गई है. वहीं अर्जेंटीना में अब भी सबसे ज्यादा मामले आ रहे हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले वर्षों में यह खतरा और बढ़ सकता है, क्योंकि वायरस फैलाने वाले जीव उन क्षेत्रों तक पहुंच रहे हैं, जिन्हें पहले कम खतरे वाला माना जाता था. इसके अलावा एक्सपर्ट्स के अनुसार जंगलों की कटाई और कृषि विस्तार भी इस खतरे को बढ़ा रहे हैंं. खेती और शहरीकरण के लिए जंगलों को साफ करने से इंसानों और वन्य जीवों के बीच दूरी कम हो रही है. इससे जानवरों से इंसानों में बीमारी फैलने का खतरा बढ़ जाता है. रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि ग्रामीण इलाकों में काम करने वाले लोगों या जंगलों के आसपास ज्यादा समय बताने वालों में संक्रमण का खतरा ज्यादा हो सकता है. 

एक्सपर्ट्स ने दी चेतावनी 

रिसर्चर्स का कहना है कि आने वाले समय में ऐसे वायरस नए क्षेत्रों में भी फैल सकते हैं, जहां पहले उनके मामले नहीं देखे गए थे. वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते निगरानी और सार्वजनिक स्वास्थ्य योजनाओं पर ध्यान नहीं दिया गया तो यह बड़ा खतरा बन सकता है.

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AZMI DESK

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