‘कम से कम 10 बार खोला गया’, काउंटिंग से पहले बंगाल में स्ट्रांगरूम खोलने पर सियासी बवाल; बीजेपी ने भी लगाए आरोप

West Bengal Assembly Elections 2026: पश्चिम बंगाल में काउंटिंग से पहले सियासत अपने उफान पर है. इस बार पारा स्ट्रांगरूम को लेकर चढ़ा हुआ है. ऐसे में काउंटिंग से पहले चुनाव आयोग को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. इस बीच बीजेपी और टीएमसी में चुनावी जंग जारी है. शुक्रवार को भी स्ट्रांगरूम में गड़बड़ी के आरोप सामने आए हैं. इस बार ये आरोपी बीजेपी की तरफ से लगाए गए. इससे पहले गुरुवार को खुदीराम अनुशीलन केंद्र के अंदर संदिग्ध गतिविधियों के आरोप के बीच टीएमसी ने धरना दिया था.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, शुक्रवार को BJP नेताओं ने बिधाननगर के सब-डिविजनल ऑफिसर (SDO) से शिकायत की. उन्होंने आरोप लगाया कि एक स्ट्रॉन्ग रूम को बिना किसी आधिकारिक अनुमति के खोल दिया गया था. रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इस मामले में छह अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है.
बीजेपी नेता शरदवत मुखोपाध्याय ने क्या आरोप लगाए
बीजेपी नेता और बिधाननगर से उम्मीदवार शरदवत मुखोपाध्याय ने कहा है कि स्ट्रांग रूम को तय समय से पहले ही खोल दिया गया था. इसे कम से कम 10 बार खोला जा चुका था. मुखोपाध्याय ने कहा है कि यहां हमारा एक स्ट्रॉन्ग रूम है. हमें एक शेड्यूल दिया गया था. इसमें बताया गया था कि इसे कब खोला जाएगा. उसी के अनुसार, हम सभी समय पर वहां पहुंच गए. वहां पहुंचने पर हमने देखा कि स्ट्रॉन्ग रूम पहले से ही खुला हुआ था.
उस समय उसे खोला नहीं जा रहा था, बल्कि वह पहले से ही खुला था. हमने सवाल उठाया कि जब काम ठीक से शुरू भी नहीं हुआ था, तो इसे इतनी जल्दी क्यों खोल दिया गया? बाद में, पूछताछ करने पर हमें बताया गया कि इस स्ट्रॉन्ग रूम को एक या दो बार नहीं, बल्कि इससे पहले कम से कम दस बार खोला जा चुका है. वह हमारे किसी सवाल का जवाब नहीं दे पाए हैं.
टीएमसी ने गुरुवार को दिया था धरना
इससे पहले गुरुवार को बंगाल में एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था. यह घटना मतदान के दूसरे और अंतिम चरण के ठीक एक दिन पहले हुई थी. यहां टीएमसी ने केंद्रीय कोलकाता के कुछ स्ट्रांग रूम में गड़बड़ी का आरोप लगाया. इसके बाद कुणाल घोष और शशि पांजा ने खुदीराम अनुशीलन केंद्र के बाहर धरना दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि सीसीटीवी कैमरों की लाइव फुटेज में स्ट्रांग रूम के अंदर बाहरी लोग दिखाई दिए.
यह मशीनों में रखे बैलेट पेपरों के साथ छेड़छाड़ कर रहे थे. पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक दोपहर 3.30 बजे तक स्ट्रॉन्गरूम के बाहर मौजूद थे. घोष ने बताया कि अचानक एक ईमेल भेजा गया जिसमें बताया गया कि स्ट्रॉन्गरूम शाम 4 बजे फिर से खोला जाएगा. हमने अपने कार्यकर्ताओं से संपर्क किया. उन्होंने कहा कि वे जा चुके हैं. फिर हम यहां जल्दी से पहुंचे. अब हमें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है. BJP को बुलाया जा रहा है.
ममता बनर्जी ने लगाया बड़ा आरोप
इधर, इस पूरे घटनाक्रम के बाद ममता बनर्जी ने कहा कि आपको मतगणना केंद्रों की पहरेदारी करनी चाहिए. यदि आवश्यक हुआ, तो मैं भी जाकर अपने क्षेत्र की पहरेदारी करूंगी. उम्मीदवारों को स्वयं पहरेदारी करनी चाहिए. जागते रहें. यदि मैं ऐसा कर सकती हूं, तो आप भी कर सकते हैं. EVM के परिवहन के दौरान मशीनों को बदलने की एक योजना है. इसे हल्के में न लें. मुझे पक्का पता है कि टेलीविजन पर दिखाए गए एग्जिट पोल के आंकड़े बुधवार को दोपहर 1.08 बजे BJP के एक कार्यालय से प्रसारित किए गए थे. मीडिया के एक वर्ग पर इसे प्रकाशित करने का दबाव डाला गया था. हमारी संख्या 230 तक भी पहुंच सकती है. हम निश्चित रूप से 226 के आंकड़े को पार कर रहे हैं.
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