Assembly Election 2026 Live: केरल में नतीजों से पहले ही CM पद को लेकर कांग्रेस में बड़ी गुटबाजी! सरकार बनीं तो कौन होगा मुख्यमंत्री

23 और 29 अप्रैल को पश्चिम बंगाल में दो चरणों में मतदान है जबकि तमिलनाडु में 23 अप्रैल में सभी विधानसभा सीटो पर एक ही चरण में वोटिंग होगी. असम, केरल, पुडुचेरी समेत पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के नतीजे चार मई को एक साथ आएंगे. दो राज्यों में वोटिंग से पहले बयान और आरोप-प्रत्यारोप का दौर चालू है.
असम सीएम का ममता बनर्जी पर हमला
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि उनके भाषण शासन से ज्यादा राजनीतिक विरोधियों की आलोचना पर केंद्रित रहते हैं. कूचबिहार जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सरमा ने कहा कि ममता बनर्जी अपने भाषणों में बार-बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का जिक्र करती हैं और लोगों में भय का माहौल बनाने की कोशिश करती हैं. उन्होंने कहा, “उनके भाषण विकास कार्यों पर कम और पीएम मोदी व गृह मंत्री शाह पर हमले ज्यादा होते हैं.”
परिसीमन के मुद्दे पर बोलते हुए असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि यह प्रक्रिया लागू होती है तो पूर्वी राज्यों को इसका बड़ा लाभ मिलेगा. उन्होंने कहा कि ओडिशा, बिहार, पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों में लोकसभा सीटों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है. सरमा ने कहा, “अगर परिसीमन होता है तो पूर्वी क्षेत्र को सीटों के लिहाज से सबसे ज्यादा फायदा होगा,” और जोड़ा कि इससे बढ़ती आबादी वाले राज्यों के पक्ष में प्रतिनिधित्व का संतुलन सुधर सकता है.
तमिलनाडु में निष्पक्ष चुनाव कराने की तैयारियां पूरी
चुनाव आयोग ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए सख्त तैयारियां की हैं. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने चुनाव आयुक्त डॉ. एसएस संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ मिलकर राज्य में तैनात सभी केंद्रीय पर्यवेक्षकों की समीक्षा बैठक की. तमिलनाडु में 23 अप्रैल 2026 को एक चरण में 234 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा. इसको लेकर शुक्रवार को आयोजित बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कुल 326 केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने हिस्सा लिया. इनमें 136 सामान्य पर्यवेक्षक, 40 पुलिस पर्यवेक्षक और 150 व्यय पर्यवेक्षक शामिल हैं. तमिलनाडु के मुख्य निर्वाचन अधिकारी भी इस बैठक में जुड़े.
तमिलगा वेट्ट्रि कषगम के घोषणापत्र में क्या-क्या
भाजपा नेता ए.एन.एस. प्रसाद ने अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेट्ट्रि कषगम (टीवीके) के चुनावी घोषणापत्र पर गुरुवार को तीखा हमला बोला और इसे “अवास्तविक और वित्तीय रूप से गैर-जिम्मेदार” करार दिया. प्रसाद ने एक बयान में कहा कि घोषणापत्र में किए गए कल्याणकारी वादों को लागू करने के लिए कम से कम 6 लाख करोड़ रुपये की जरूरत होगी, जबकि तमिलनाडु का कर्ज 2026-27 तक 10.71 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। ऐसे में इन वादों की व्यवहारिकता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि बिना स्पष्ट वित्तीय संसाधनों के इतने बड़े वादे राज्य की अर्थव्यवस्था पर भारी दबाव डाल सकते हैं और भविष्य के विकास कार्यों पर असर पड़ सकता है.



