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रबूपुरा (ग्रेटर नोएडा)। रबूपुरा क्षेत्र की चर्चित आवासीय सोसायटी Gaur Yamuna City एक बार फिर बिजली व्यवस्था की बदहाली का प्रतीक बन गई। शनिवार रात से शुरू हुआ बिजली संकट पूरे 22 घंटे तक जारी रहा, जिससे 2100 से अधिक फ्लैटों में अंधेरा छा गया और हजारों लोग भीषण गर्मी में तड़पते रहे।
🔥 मेंटेनेंस की लापरवाही पर भड़के निवासी
रात करीब 8:30 बजे फाल्ट के चलते आपूर्ति ठप हुई, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि समस्या के समाधान में मेंटेनेंस विभाग पूरी तरह नाकाम दिखा। निवासियों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद न तो समय पर कार्रवाई हुई और न ही कोई स्पष्ट जवाब मिला।
👉 फोन कॉल्स तक उठाना बंद कर दिया गया, जिससे लोगों का गुस्सा चरम पर पहुंच गया।
⚠️ UPPCL पर डालकर बचता रहा मेंटेनेंस
सोसायटी प्रबंधन लगातार Uttar Pradesh Power Corporation Limited का हवाला देता रहा, लेकिन जमीनी हकीकत यह रही कि स्थानीय स्तर पर फॉल्ट सुधार में भारी लापरवाही सामने आई।
रविवार रात करीब 8 बजे जाकर आपूर्ति बहाल हो सकी—तब तक लोग 22 घंटे की यातना झेल चुके थे।
🌡️ छुट्टी का दिन बना सजा
रविवार का अवकाश दिन होने के कारण अधिकांश लोग घरों में ही थे।
* इन्वर्टर जवाब दे गए
* पानी और लिफ्ट की समस्या बढ़ी
* बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान हुए
कई परिवार गर्मी से बचने के लिए कारों में घूमने निकल गए, लेकिन लौटने पर भी अंधेरा ही मिला।
🗣️ निवासियों का गुस्सा फूटा
योगेश भाटी ने कहा—
> “22 घंटे तक बिजली गुल रही, लेकिन समाधान की जगह सिर्फ आश्वासन मिलता रहा। यह सीधी लापरवाही है।”
सरवन अवाना का कहना है—
> “छुट्टी का पूरा दिन गर्मी में गुजारना पड़ा, इन्वर्टर भी जवाब दे गया। अब स्थायी समाधान चाहिए।”
🚨 बड़ा सवाल: जिम्मेदार कौन?
यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है—
* क्या मेंटेनेंस सिस्टम सिर्फ वसूली तक सीमित है?
* क्या आपात स्थिति से निपटने की कोई तैयारी नहीं?
* आखिर 22 घंटे तक हजारों लोगों को अंधेरे में क्यों रखा गया?
📢 UPPCL MEDIA की मांग
* सोसायटी में आपातकालीन बिजली प्रबंधन सिस्टम लागू हो
* मेंटेनेंस की जवाबदेही तय हो
* भविष्य में ऐसी घटना पर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए
👉 अगर समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो यह गुस्सा बड़े आंदोलन में बदल सकता है।



