लोकसभा में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस विधेयक पास, कांग्रेस ने किया वॉकआउट, जानें मंत्री रिजिजू क्या बोले?

लोकसभा में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस (सामान्य प्रशासन) विधेयक 2026 गुरुवार को पारित कर दिया गया है. इस विधेयक को लाने के पीछे सरकार उद्देश्य केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में ग्रुप ए के सामान्य ड्यूटी अधिकारियों और अन्य अधिकारियों की भर्ती और सेवा शर्तों से संबंधित सामान्य नियमों को हटाना है. इसमें अन्य मामलों को भी शामिल किया गया है.
बिल पारित हुआ तो कांग्रेस ने किया वॉक आउट: रिजिजू
इधर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा है कि जब सीएपीएफ बिल पारित हुआ, तब कांग्रेस ने वॉक आउट किया. हमने सबको ध्यान में रखते हुए संतुलित बिल जो पारित किया है, वो कांग्रेस इसपर राजनीति करना चाहते थे. एक चीज साफ करना चाहता हूं कि जैसे राज्य में पुलिस बल होते हैं, तो पुलिस के लिए डीजीपी कौन बनते हैं, जो आईपीएस होते हैं, वही डीजीपी बनते हैं, लेकिन फिर जो नीचे स्टेट सर्विस से आते हैं, वो एसपी और आईजीपी बनते हैं. पीएम मोदी की सरकार ने आने से पहले केंद्रीय सशस्त्र बल में जो सहायक कमांडेंट लेवल से आते थे, वो आईजी में ही रिटायर्ड होते थे. हम लोगों की सरकार आने के बाद मोदी जी के नेतृत्व में पहली बार अतिरिक्त महानिदेशक तक बने हैं.
कांग्रेस के वॉक आउट करने पर क्या बोले रिजिजू?
रिजिजू ने कहा कि जो सर्विस से आते हैं, उनके इतना अच्छा रास्ता खोला गया है, ये तो पीएम मोदी की सरकार में हुआ है. कांग्रेस को अपने समय में पूछना चाहिए था कि जो सहायक कमांडेंट सर्विस से केंद्रीय सशस्त्र बल में आते हैं, वो क्यों ADG नहीं बन पाते थे. वो IG में ही क्यों रिटायर्ड हो जाते थे. तो कांग्रेस बुरी फंस गई, इसलिए उन्होंने वॉकआउट किया है, तो ये बिल बहुत महत्वपूर्ण है.
इस नए बिल में क्या है ?
इस बिल के तहत महानिरीक्षक के 50%, अतिरिक्त महानिदेशक के 67%, और विशेष महानिदेशक और महानिदेशक के 100% पद IPS अधिकारियों के लिए रिजर्व रहेंगे. इसके अलावा सभी सीएपीएफ बलों के लिए एक समान नियम बनाना, सेव शर्तों में स्पष्टता और ऑपरेशन एफिशिएंसी बढ़ाना है.
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