India LPG Connection: 6 हजार लोगो ने क्यों छोड़ा अपना LPG कनेक्शन, सरकार ने जारी किए आंकड़े, क्या PNG मिलेगी?

पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय की तरफ से एक अहम जानकारी सामने आई है. सरकार पाइप्ड गैस यानी PNG को बढ़ावा दे रही है और इसी के तहत अब तक करीब 6000 लोगों ने अपना LPG कनेक्शन छोड़ दिया है. मंत्रालय के सचिव पंकज जैन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इन लोगों का धन्यवाद किया और बाकी लोगों से भी अपील की कि वे जरूरतमंदों के लिए LPG कनेक्शन छोड़ दें. सरकार की योजना है कि जिन इलाकों में PNG की पाइपलाइन पहुंच चुकी है, लेकिन लोगों ने कनेक्शन नहीं लिया है, वहां आने वाले समय में LPG की सप्लाई बंद की जा सकती है. यह नियम लगभग तीन महीने बाद लागू हो सकता है. हालांकि, जहां PNG देना संभव नहीं है, वहां यह नियम लागू नहीं होगा, अगर संबंधित एजेंसी से NOC मिल जाती है.
इस कदम के पीछे बड़ी वजह यह है कि पश्चिम एशिया से LPG की सप्लाई में दिक्कतें आ रही हैं. ऐसे में सरकार चाहती है कि शहरों में रहने वाले लोग PNG अपनाएं, ताकि LPG सिलेंडर गांव और दूर-दराज के इलाकों तक पहुंच सके, जहां पाइपलाइन की सुविधा नहीं है. मौजूदा हालात में गैस की सप्लाई को प्राथमिकता के आधार पर बांटा गया है. घरों में इस्तेमाल होने वाली PNG और गाड़ियों के लिए CNG को पूरी गैस दी जा रही है. वहीं उद्योगों और दुकानों को करीब 80 फीसदी गैस मिल रही है, जबकि कारखानों को 70-75 फीसदी तक गैस सप्लाई की जा रही है. जरूरत पूरी करने के लिए बाहर से LNG भी मंगाई जा रही है.
LPG की स्थिति को लेकर सरकार ने क्या कहा?
LPG की स्थिति को लेकर सरकार ने साफ किया है कि सप्लाई सामान्य बनी हुई है और हर दिन 55 लाख से ज्यादा सिलेंडर लोगों तक पहुंचाए जा रहे हैं. कमर्शियल LPG की सप्लाई भी लगभग 70% तक वापस सामान्य हो चुकी है, जिसमें होटल और फूड इंडस्ट्री को प्राथमिकता दी जा रही है. कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए सरकार ने सख्त कार्रवाई शुरू की है. हाल ही में करीब 2900 जगहों पर छापेमारी की गई और लगभग 1000 सिलेंडर जब्त किए गए.
PNG को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे काम
PNG को बढ़ावा देने के लिए इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड, महानगर गैस लिमिटेड, गेल गैस और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड जैसी कंपनियां लोगों को कनेक्शन लेने पर छूट और अन्य फायदे भी दे रही हैं. सरकार ने राज्यों से कहा है कि वे निगरानी बढ़ाएं और गैस से जुड़ी योजनाओं को तेजी से लागू करें. साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें, क्योंकि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है.
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