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दिल्ली के CP और कालकाजी मंदिर के पाकिस्तान भेजे वीडियो, लश्कर आतंकी शब्बीर अहमद लोन के डराने वाले खुलासे

दिल्ली बॉर्डर के पास से गिरफ्तार किए गए लश्कर के खूंखार आतंकी शब्बीर अहमद लोन ने पूछताछ के दौरान कईं बड़े खुलासे किए हैं. आतंकी ने दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को बताया कि उसने कई कमर्शियल जगहों के अलावा मंदिरों की भी रेकी की थी. इन धार्मिक स्थलों में कालकाजी मंदिर, लोटस टेंपल और छतरपुर मंदिर शामिल हैं.  

सुरक्षा से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, इसके अलावा आतंकी शब्बीर अहमद लोन ने दिल्ली के कनॉट प्लेस और पहाड़गंज के कई इलाके जिसमें भीड़ भाड़ वाले मार्केट भी शामिल हैं, उन जगहों की भी रेकी की थी और इसके बाद वीडियो पाकिस्तान में बैठे लश्कर के हैंडलर को भेजा गया था. आरोपी ने कनॉट प्लेस का वीडियो बनाया था.

पूछताछ में शब्बीर अहमद लोन ने क्या-क्या बताया

आतंकी शब्बीर अहमद लोन ने पूछताछ में बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और हाफिज सईद का आतंकी संगठन लश्कर-ए तैयबा दोनों मिलकर बांग्लादेश में TRF जैसा आतंकी संगठन बनाने की फिराक में हैं. बता दें कि ये वहीं आतंकी संगठन है, जिसने पिछले साल जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला किया था. शब्बीर ने बताया कि इसी के लिए वो दिल्ली एनसीआर में रेकी कर रिक्रूटमेंट का काम शुरू करने वाला था. 

लश्कर-ए-तैयबा के हैंडलर्स से लगातार संपर्क में

शब्बीर अहमद पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के हैंडलर्स आसिफ डार और सुमामा बाबर के साथ लगातार संपर्क में था. आसिफ डार मूल रूप से कश्मीर के सोपोर का रहने वाला है और फिलहाल पाकिस्तान से अपनी गतिविधियां चला रहा है. वो टेलीग्राम पर एक एनक्रिप्टेड हैंडल का इस्तेमाल करके इन गतिविधियों को देखता था. लोन अपनी एनक्रिप्टेड चैट पहचान बदलता रहता था, लेकिन बाद में उसने हैंडलर्स और मॉड्यूल के सदस्यों से बातचीत करने के लिए एक खास मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया. जांचकर्ताओं के मुताबिक इसी नंबर की मदद से इस नेटवर्क का पता लगाने में सफलता मिली.

लोन को पीओके के मुजफ़्फराबाद स्थित लश्कर-ए-तैयबा के कैंप में दौरा-ए-सूफा के लिए भी भेजा गया था. यह एक ऐसा कार्यक्रम है जिसका मेन मकसद वैचारिक रूप से कट्टर बनाना और नए सदस्यों की भर्ती करना है.

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AZMI DESK

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